अल-बुरूज · 1/22
अनुवाद उच्चारण — अल-बुरूज
وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الْبُرُوجِ ۝١
Wassamaaa`i zaatil burooj
📖 हिंदी अर्थ
बुर्ज़ों वाले आसमानों की क़सम

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • वस्समा: आकाश की क़सम।
  • ज़ातिल बुरूज: बुर्जों वाला, यानी ऊँचे महलों और सितारों के मक़ामात (स्थानों) वाला आकाश।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में आकाश की क़सम खाई है, जो बुर्जों वाला है। ये बुर्ज वो विशाल तारों के समूह हैं जो आकाश में ऊँचे और स्पष्ट दिखाई देते हैं। इन्हें 'बुर्ज' इसलिए कहा गया क्योंकि ये ऊँचाई, ऊपर उठने और प्रकट होने की वजह से महलों की तरह हैं। खगोलविदों के अनुसार ये बारह बुर्ज हैं, जिनसे सूर्य और चाँद की गतियों का अनुमान लगाया जाता है।

अल्लाह तआला ने इस क़सम को इसलिए खाई ताकि उसकी क़ुदरत (शक्ति) और हिकमत (बुद्धिमत्ता) की निशानियों की ओर इशारा किया जा सके। ये आकाश, जो इतनी ऊँचाई पर है और इन बुर्जों से सजा हुआ है, अल्लाह की अज़मत (महानता) का जीता-जागता सबूत है।

इस क़सम से अल्लाह तआला ये बताना चाहते हैं कि जिस तरह आकाश अपनी बुलंदी और सजावट के साथ बेमिसाल है, उसी तरह उसका वादा और उसका इंसाफ़ भी बेमिसाल है। ये क़सम उस दिन की याद दिलाती है जब अल्लाह हर इंसान को उसके अमल (कर्मों) का बदला देगा।

एक दावती पहलू ये है कि जब हम आसमान की तरफ देखते हैं, तो उसकी खूबसूरती और उसके सितारे हमें अल्लाह की याद दिलाते हैं। ये आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की बनाई हुई चीज़ों में ग़ौर (ध्यान) करें, क्योंकि हर चीज़ उसकी क़ुदरत की निशानी है। जो इंसान इन निशानियों पर ग़ौर करता है, उसका ईमान मज़बूत होता है और वो अल्लाह के करीब हो जाता है।

याद रखें, अल्लाह ने जिन चीज़ों की क़सम खाई है, वो उसकी अज़मत की गवाह हैं। हमें चाहिए कि इन आयतों को पढ़कर अपने दिल में अल्लाह का खौफ़ (डर) और मुहब्बत (प्रेम) पैदा करें, और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा (प्रसन्नता) के मुताबिक बनाएं। ये आकाश और इसके बुर्ज हमें ये सबक देते हैं कि जिस तरह ये आकाश ऊँचा और मज़बूत है, हमारा ईमान भी उतना ही ऊँचा और मज़बूत होना चाहिए।



📜 आयत 1-3 — अल-बुरूज

1وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الْبُرُوجِ
बुर्ज़ों वाले आसमानों की क़सम
2وَالْيَوْمِ الْمَوْعُودِ
और उस दिन की जिसका वायदा किया गया है
3وَشَاهِدٍ وَمَشْهُودٍ
और गवाह की और जिसकी गवाही दे जाएगी
अल-बुरूजकुरान सूची
22आयत
मक्कीRevelation
1आयत

अनुवाद — अल-बुरूज 1

सूरा अल-बुरूज आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बुर्ज़ों वाले आसमानों की क़सम

सूरा आयत 1/22 — अल-बुरूज البروج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बुरूज सुनें, अल-बुरूज अनुवाद, अल-बुरूज mp3, अल-बुरूज pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए