अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الْيَوْمِ الْمَوْعُودِ: वह दिन जिसका वादा अल्लाह ने अपने बंदों से किया है, अर्थात् क़ियामत का दिन।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में क़सम खाई है "उस वादे किए हुए दिन" की, जो क़ियामत का दिन है। यह वह दिन है जिसका अल्लाह ने अपने सभी नबियों और रसूलों के माध्यम से वादा किया है कि वह सभी प्राणियों को इकट्ठा करेगा, उनके कर्मों का हिसाब लेगा, और नेकी और बदी का पूरा-पूरा बदला देगा। यह दिन उस महान न्याय का दिन होगा जिसमें कोई अन्याय नहीं होगा, और हर व्यक्ति को उसके किए का फल मिलेगा।
यह क़सम इसलिए खाई गई है ताकि लोगों को यक़ीन हो कि यह दिन अवश्य आने वाला है, और उन्हें इसकी तैयारी करनी चाहिए। जिस तरह अल्लाह ने आसमान की क़सम खाई जिसमें सूरज और चाँद की मंज़िलें हैं, उसी तरह उसने क़ियामत के दिन की क़सम खाई, क्योंकि यह दिन उसकी क़ुदरत और अदालत का सबसे बड़ा प्रमाण है।
अल्लाह तआला जिस चीज़ की क़सम खाना चाहे खा सकता है, लेकिन उसके बंदों के लिए यह जायज़ नहीं है कि वे अल्लाह के सिवा किसी और की क़सम खाएँ, क्योंकि अल्लाह के सिवा किसी और की क़सम खाना शिर्क है।
इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें क़ियामत के दिन पर पूरा यक़ीन रखना चाहिए और अपने जीवन को इस तरह बनाना चाहिए कि उस दिन हम कामयाब हों। यह दिन हमारे लिए डर और उम्मीद दोनों का दिन है — डर इसलिए कि हमारे गुनाहों का हिसाब होगा, और उम्मीद इसलिए कि अल्लाह की रहमत उसके नेक बंदों के लिए बहुत बड़ी है।
आओ, हम सब इस दिन की तैयारी करें — नेक काम करें, गुनाहों से बचें, और अल्लाह से माफ़ी माँगते रहें, ताकि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जन्नत के हक़दार बनें। याद रखें, यह दिन ज़रूर आएगा, और जो लोग इस पर ईमान रखते हैं और नेक कर्म करते हैं, वही सच्चे कामयाब हैं।
📜 आयत 1-4 — सूरा अल-बुरूज
अनुवाद — अल-बुरूज 2
सूरा अल-बुरूज आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उस दिन की जिसका वायदा किया गया हैसूरा आयत 2/22 — सूरा अल-बुरूज البروج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बुरूज सुनें, सूरा अल-बुरूज अनुवाद, सूरा अल-बुरूज mp3, सूरा अल-बुरूज pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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