अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَلْهَاكُمُ (अल्हाकुम): तुम्हें व्यस्त कर दिया, ग़ाफ़िल कर दिया, भुला दिया।
- التَّكَاثُرُ (अत-तकासुर): बहुतायत पर गर्व करना, एक-दूसरे से ज़्यादा धन-दौलत, औलाद और ताक़त का दिखावा करना।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! तुम्हें उस चीज़ ने आख़िरत और अल्लाह की इबादत से ग़ाफ़िल कर दिया है जो तुम्हारे दिलों में माल, औलाद, हैसियत और तरक़्क़ी की कसरत का जुनून बनकर बैठ गई है। तुम एक-दूसरे से बढ़ने की होड़ में लग गए हो—किसके पास ज़्यादा दौलत है, किसके ज़्यादा बेटे हैं, किसकी इज़्ज़त और रुतबा बड़ा है। यही मुक़ाबला और फ़ख़्र तुम्हें अल्लाह की याद से, उसकी इबादत से, और उस दिन की तैयारी से दूर ले गया है जब तुम्हें अपने आमाल का हिसाब देना है।
यह आयत हमें ज़िंदगी की सबसे बड़ी हक़ीक़त याद दिलाती है कि दुनिया की चमक-दमक और माल की कसरत कोई हमेशा रहने वाली चीज़ नहीं। जो लोग सिर्फ़ दुनिया की बढ़त पर नाज़ करते हैं, वह अक्सर उस आख़िरी मंज़िल को भूल जाते हैं जहाँ सबको लौटना है। क़ुरआन हमें आगाह करता है कि यह मोह मोहब्बत और यह होड़ तुम्हें उस सच्ची कामयाबी से महरूम न कर दे जो अल्लाह की रज़ा में है।
प्यारे भाइयों और बहनों! याद रखिए, असल इज़्ज़त और बड़ाई अल्लाह के नज़दीक तक़वा में है, न कि माल और औलाद की कसरत में। दुनिया की यह दौड़ इंसान को सिर्फ़ थकाती है, लेकिन जो दिल अल्लाह की याद से जुड़ा होता है, उसे सुकून मिलता है। आइए हम अपनी ज़िंदगी के मक़सद को याद रखें—अल्लाह की इबादत, उसके बताए रास्ते पर चलना, और उस दिन की तैयारी करना जब न माल काम आएगा और न औलाद, बल्कि सिर्फ़ अच्छे आमाल काम आएंगे। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों की कामयाबी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 1-3 — अत-तकासुर
अनुवाद — अत-तकासुर 1
सूरा अत-तकासुर आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कुल व माल की बहुतायत ने तुम लोगों को ग़ाफ़िल…सूरा आयत 1/8 — अत-तकासुर التكاثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकासुर सुनें, अत-तकासुर अनुवाद, अत-तकासुर mp3, अत-तकासुर pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








