अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثُمَّ (फिर): यहाँ इसका अर्थ है "फिर भी" या "इसके बाद भी"।
- كَلَّا (हरगिज़ नहीं): यह निषेध और डाँट-फटकार के लिए आता है, यानी "सावधान हो जाओ" या "ऐसा मत करो"।
- سَوْفَ تَعْلَمُونَ (तुम जल्द ही जान लोगे): यह भविष्य में होने वाले ज्ञान की ओर इशारा करता है, जो मृत्यु के बाद या आख़िरत में सामने आएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में दूसरी बार वही चेतावनी दोहराई है जो पिछली आयत में दी गई थी। यह दोहराव इसलिए है ताकि इंसान पर बात स्पष्ट हो जाए और उसका दिल इस हक़ीक़त को अच्छी तरह समझ ले। अल्लाह फ़रमा रहा है: "फिर सावधान हो जाओ! हरगिज़ नहीं, तुम जल्द ही जान लोगे।" यानी जिस दुनिया की दौलत और माल-ओ-दौलत इकट्ठा करने में तुम लगे हो, जिस चीज़ की कसरत पर तुम नाज़ करते हो, उसका अंजाम क्या होगा, यह तुम्हें ज़रूर पता चल जाएगा। यह ज्ञान मौत के वक़्त या क़यामत के दिन मिलेगा, जब कोई पछतावा काम नहीं आएगा।
यह आयत उन लोगों के लिए सख्त चेतावनी है जो सिर्फ़ दुनिया की भागदौड़ में लगे हैं और आख़िरत को भूल गए हैं। वे सोचते हैं कि माल की कसरत ही उनकी इज़्ज़त है, लेकिन अल्लाह फरमाता है कि यह सोच बिल्कुल गलत है। जब सच्चाई सामने आएगी, तो उन्हें अपनी इस ग़लतफ़हमी पर बहुत पछतावा होगा।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें ज़िंदगी का असली मक़सद याद दिलाती है। हम दुनिया में इतने मशगूल हो गए हैं कि मौत और उसके बाद के हिसाब को भूल गए हैं। अल्लाह हमें मुहब्बत से आगाह कर रहा है कि यह दुनिया की दौड़ कुछ दिनों की है, लेकिन आख़िरत हमेशा की ज़िंदगी है। काश! हम अपनी इस कमज़ोर ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और नेक कामों में लगाएँ, ताकि उस दिन हमें शर्मिंदा न होना पड़े। यह चेतावनी सिर्फ़ डराने के लिए नहीं, बल्कि हमें सही रास्ता दिखाने के लिए है। अल्लाह हम पर बहुत मेहरबान है कि उसने हमें मौका दिया है कि हम अपनी ज़िंदगी को सुधार लें। आओ, हम अपने दिलों को दुनिया की मुहब्बत से निकालकर अल्लाह की मुहब्बत से भरें, और अपने आख़िरी सफ़र की तैयारी करें। याद रखिए, जो लोग दुनिया में अल्लाह को याद करते हैं और उसके हुक्मों पर चलते हैं, उनके लिए आख़िरत में बड़ी ख़ुशियाँ हैं। अल्लाह हमें अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 2-6 — अत-तकासुर
अनुवाद — अत-तकासुर 4
सूरा अत-तकासुर आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर देखो तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगासूरा आयत 4/8 — अत-तकासुर التكاثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकासुर सुनें, अत-तकासुर अनुवाद, अत-तकासुर mp3, अत-तकासुर pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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