अत-तकासुर · 4/8
अनुवाद उच्चारण — अत-तकासुर
ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ ۝٤
Thumma kalla sawfa ta`lamoon
📖 हिंदी अर्थ
फिर देखो तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ثُمَّ (फिर): यहाँ इसका अर्थ है "फिर भी" या "इसके बाद भी"।
  • كَلَّا (हरगिज़ नहीं): यह निषेध और डाँट-फटकार के लिए आता है, यानी "सावधान हो जाओ" या "ऐसा मत करो"।
  • سَوْفَ تَعْلَمُونَ (तुम जल्द ही जान लोगे): यह भविष्य में होने वाले ज्ञान की ओर इशारा करता है, जो मृत्यु के बाद या आख़िरत में सामने आएगा।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में दूसरी बार वही चेतावनी दोहराई है जो पिछली आयत में दी गई थी। यह दोहराव इसलिए है ताकि इंसान पर बात स्पष्ट हो जाए और उसका दिल इस हक़ीक़त को अच्छी तरह समझ ले। अल्लाह फ़रमा रहा है: "फिर सावधान हो जाओ! हरगिज़ नहीं, तुम जल्द ही जान लोगे।" यानी जिस दुनिया की दौलत और माल-ओ-दौलत इकट्ठा करने में तुम लगे हो, जिस चीज़ की कसरत पर तुम नाज़ करते हो, उसका अंजाम क्या होगा, यह तुम्हें ज़रूर पता चल जाएगा। यह ज्ञान मौत के वक़्त या क़यामत के दिन मिलेगा, जब कोई पछतावा काम नहीं आएगा।

यह आयत उन लोगों के लिए सख्त चेतावनी है जो सिर्फ़ दुनिया की भागदौड़ में लगे हैं और आख़िरत को भूल गए हैं। वे सोचते हैं कि माल की कसरत ही उनकी इज़्ज़त है, लेकिन अल्लाह फरमाता है कि यह सोच बिल्कुल गलत है। जब सच्चाई सामने आएगी, तो उन्हें अपनी इस ग़लतफ़हमी पर बहुत पछतावा होगा।


दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें ज़िंदगी का असली मक़सद याद दिलाती है। हम दुनिया में इतने मशगूल हो गए हैं कि मौत और उसके बाद के हिसाब को भूल गए हैं। अल्लाह हमें मुहब्बत से आगाह कर रहा है कि यह दुनिया की दौड़ कुछ दिनों की है, लेकिन आख़िरत हमेशा की ज़िंदगी है। काश! हम अपनी इस कमज़ोर ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और नेक कामों में लगाएँ, ताकि उस दिन हमें शर्मिंदा न होना पड़े। यह चेतावनी सिर्फ़ डराने के लिए नहीं, बल्कि हमें सही रास्ता दिखाने के लिए है। अल्लाह हम पर बहुत मेहरबान है कि उसने हमें मौका दिया है कि हम अपनी ज़िंदगी को सुधार लें। आओ, हम अपने दिलों को दुनिया की मुहब्बत से निकालकर अल्लाह की मुहब्बत से भरें, और अपने आख़िरी सफ़र की तैयारी करें। याद रखिए, जो लोग दुनिया में अल्लाह को याद करते हैं और उसके हुक्मों पर चलते हैं, उनके लिए आख़िरत में बड़ी ख़ुशियाँ हैं। अल्लाह हमें अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 2-6 — अत-तकासुर

2حَتَّىٰ زُرْتُمُ الْمَقَابِرَ
यहाँ तक कि तुम लोगों ने कब्रें देखी (मर गए)
3كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ
देखो तुमको अनक़रीब ही मालुम हो जाएगा
4ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ
फिर देखो तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा
5كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ الْيَقِينِ
देखो अगर तुमको यक़ीनी तौर पर मालूम होता (तो हरगिज़ ग़ाफिल न होते)
6لَتَرَوُنَّ الْجَحِيمَ
तुम लोग ज़रूर दोज़ख़ को देखोगे
अत-तकासुरकुरान सूची
8आयत
मक्कीRevelation
4आयत

अनुवाद — अत-तकासुर 4

सूरा अत-तकासुर आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर देखो तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा

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Tuesday, August 18, 2026

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