अत-तकासुर · 5/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तकासुर
كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ الْيَقِينِ ۝٥
Kalla law ta`lamoona `ilmal yaqeen
📖 हिंदी अर्थ
देखो अगर तुमको यक़ीनी तौर पर मालूम होता (तो हरगिज़ ग़ाफिल न होते)

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَلَّا: हरगिज़ नहीं, ऐसा नहीं होना चाहिए। यह निषेध और डांट-फटकार के लिए आता है।
  • لَوْ تَعْلَمُونَ: यदि तुम जान लेते।
  • عِلْمَ الْيَقِينِ: यक़ीन (निश्चित) वाला ज्ञान, जिसमें कोई संदेह न हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में इंसान को उसकी ग़फ़लत से जगाते हुए फ़रमाता है कि हरगिज़ नहीं! यह तुम्हारा माल और औलाद की कसरत पर फ़ख़्र करना, और उस पर इतराना, हरगिज़ तुम्हारे लिए ठीक नहीं है। अगर तुम लोगों को यक़ीन के साथ, बिना किसी शक-शुब्हे के यह ज्ञान हो जाए कि तुम्हें एक दिन मरना है, फिर क़ब्र में उठना है, और अल्लाह के सामने हाज़िर होकर अपने हर अमल का हिसाब देना है, और तुम्हें अपने किए का पूरा बदला मिलना है — तो यह ज्ञान तुम्हें इस दुनिया के मोह-माया और फ़ख़्र-मग़रूर से रोक देता, और तुम अपनी जान को उस अज़ाब से बचाने की कोशिश में लग जाते जो तुम्हारे आगे मौजूद है।

यह ज्ञान अगर दिल में उतर जाए तो इंसान की तरजीहात (प्राथमिकताएँ) बदल जाती हैं। वह इस बात की परवाह करना छोड़ देता है कि दुनिया में मेरा मुक़ाबला किससे है, मेरे पास कितना माल है, मेरी औलाद कितनी है। बल्कि उसकी सारी फ़िक्र यह हो जाती है कि मैं अपने रब के सामने किस हाल में खड़ा होऊँगा, मेरा हिसाब कैसा होगा, मेरी नेकियाँ कितनी हैं। यही वह यक़ीन है जो इंसान को दुनिया की बेहूदा दौड़ से रोकता है और उसे आख़िरत की तैयारी की तरफ़ मोड़ता है।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि हमारी असली कामयाबी इस बात में नहीं है कि हम दुनिया में कितना कमा लें, बल्कि इस बात में है कि हम उस दिन के लिए कितना तैयारी कर लें जब हमारा कोई साथ नहीं देगा। यक़ीन का यह ज्ञान ही हमें उस रास्ते पर चलाता है जो अल्लाह की रज़ा तक पहुँचाता है। अगर आज हम इस यक़ीन को अपने दिलों में जगह दें, तो हमारी ज़िंदगी बदल जाए — हम नेकी की तरफ़ दौड़ें, गुनाहों से बचें, और उस दिन की राहत और जन्नत के हक़दार बनें जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। यही असली कामयाबी है, और यही वह चीज़ है जो हमें हमेशा की ज़िंदगी में खुशियाँ देगी।



📜 आयत 3-7 — सूरा अत-तकासुर

3كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ
देखो तुमको अनक़रीब ही मालुम हो जाएगा
4ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ
फिर देखो तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा
5كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ الْيَقِينِ
देखो अगर तुमको यक़ीनी तौर पर मालूम होता (तो हरगिज़ ग़ाफिल न होते)
6لَتَرَوُنَّ الْجَحِيمَ
तुम लोग ज़रूर दोज़ख़ को देखोगे
7ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيْنَ الْيَقِينِ
फिर तुम लोग यक़ीनी देखना देखोगे
अत-तकासुरकुरान सूची
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अनुवाद — अत-तकासुर 5

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Tuesday, September 8, 2026

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