अत-तकासुर · 3/8
अनुवाद उच्चारण — अत-तकासुर
كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ ۝٣
Kalla sawfa ta`lamoon
📖 हिंदी अर्थ
देखो तुमको अनक़रीब ही मालुम हो जाएगा
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَلَّا (कल्ला): यह एक निषेधात्मक और डाँटने वाला शब्द है, जिसका अर्थ है "हरगिज़ नहीं" या "ऐसा नहीं होना चाहिए"। यह किसी काम से रोकने और झिड़कने के लिए आता है।
  • سَوْفَ (सौफ़ा): यह भविष्य के लिए आता है, यानी "अनिवार्य रूप से" या "बहुत जल्द"।
  • تَعْلَمُونَ (तअ़लमून): तुम जान लोगे, तुम्हें पता चल जाएगा।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला अपने बंदों को डाँटते हुए फ़रमाता है कि "हरगिज़ नहीं!" — यानी जिस तरह तुम दुनिया की चीज़ों को इकट्ठा करने और एक-दूसरे पर फ़ख़्र (घमंड) करने में लगे हो, यह बिल्कुल सही नहीं है। यह तुम्हारा काम नहीं होना चाहिए कि तुम माल-दौलत, औलाद और दुनियावी रुतबों के पीछे पड़कर अल्लाह की इबादत और उसकी आज्ञा से ग़ाफ़िल हो जाओ।

फिर अल्लाह फ़रमाता है: "बहुत जल्द तुम्हें पता चल जाएगा!" — यानी जब मौत तुम्हारे पास आएगी और तुम्हें इस दुनिया से जाना होगा, तो तुम्हें अपनी इस ग़फ़लत और लापरवाही का अंजाम मालूम हो जाएगा। जब तुम्हारी आँखों के सामने मौत आएगी और तुम देखोगे कि तुम्हारा सारा माल, दौलत, औलाद और रुतबा किसी काम नहीं आ रहा, तो तुम समझ जाओगे कि तुम कितनी बड़ी भूल में थे।

यह आयत हमें बताती है कि दुनिया की चीज़ों का जमा करना और उन पर फ़ख़्र करना कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो हमें अल्लाह से दूर करे। असल कामयाबी उसी में है कि हम अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक्मों को मानें और आख़िरत (अंतिम जीवन) के लिए अच्छे कर्म जमा करें। क्योंकि आख़िरत की ज़िंदगी ही असली और हमेशा रहने वाली ज़िंदगी है, जबकि यह दुनिया कुछ दिनों की है।

दावत और नसीहत:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें जगाती है कि हम अपनी ज़िंदगी के मक़सद को न भूलें। हमें चाहिए कि अपने वक़्त, अपनी ताक़त और अपने माल को उन कामों में लगाएँ जो हमें अल्लाह की रज़ा (खुशी) तक पहुँचाएँ। याद रखें, मौत का सच सामने आने से पहले ही हम अपनी ग़लतियों को सुधार लें, ताकि जब हम अल्लाह के सामने खड़े हों तो हमारा पल्ला अच्छे कर्मों से भरा हो। यही असली कामयाबी है, और यही वह चीज़ है जो हमें जन्नत (स्वर्ग) तक पहुँचाएगी। अल्लाह हम सबको समझ दे और सीधे रास्ते पर चलाए। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 1-5 — अत-तकासुर

1أَلْهَاكُمُ التَّكَاثُرُ
कुल व माल की बहुतायत ने तुम लोगों को ग़ाफ़िल रखा
2حَتَّىٰ زُرْتُمُ الْمَقَابِرَ
यहाँ तक कि तुम लोगों ने कब्रें देखी (मर गए)
3كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ
देखो तुमको अनक़रीब ही मालुम हो जाएगा
4ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ
फिर देखो तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा
5كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ الْيَقِينِ
देखो अगर तुमको यक़ीनी तौर पर मालूम होता (तो हरगिज़ ग़ाफिल न होते)
अत-तकासुरकुरान सूची
8आयत
मक्कीRevelation
3आयत

अनुवाद — अत-तकासुर 3

सूरा अत-तकासुर आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : देखो तुमको अनक़रीब ही मालुम हो जाएगा

सूरा आयत 3/8 — अत-तकासुर التكاثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकासुर सुनें, अत-तकासुर अनुवाद, अत-तकासुर mp3, अत-तकासुर pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए