अन-नास · 6/6
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नास
مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ ۝٦
Minal jinnati wan naas
📖 हिंदी अर्थ
जिन्नात में से ख्वाह आदमियों में से

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الْجِنَّةِ (जिन्नात): छिपी हुई मख़लूक़ात, जिन्हें आँखों से नहीं देखा जा सकता। यहाँ इससे मुराद शैतान हैं जो जिन्नात में से हैं।
  • النَّاسِ (नास): इंसान, आदम की औलाद। यहाँ इससे मुराद इंसानी शैतान हैं जो लोगों के दिलों में वसवसे (बुरे ख़यालात) डालते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वह वसवसा डालने वाला (शैतान) दो क़िस्मों में से होता है: एक तो जिन्नात में से (जैसे इब्लीस और उसकी औलाद), और दूसरा इंसानों में से। यानी जिस तरह जिन्नी शैतान लोगों के दिलों में बुरे ख़यालात डालते हैं, उसी तरह इंसानी शैतान भी (जो बुरे लोग, बदनियत रखने वाले, या गुमराह करने वाले होते हैं) दूसरे इंसानों के दिलों में बुराई और गुनाह के ख़यालात डालते हैं। यह भी कहा गया है कि "النَّاسِ" से मुराद जिन्न और इंसान दोनों हैं, क्योंकि जिन्नात को भी कभी-कभी "नास" (लोग) कहा जाता है, और शैतान जिन्नों के दिलों में भी वसवसा डालता है जैसे इंसानों के दिलों में डालता है।

दीनी पहलू और नसीहत:

यह आख़िरी आयत हमें सिखाती है कि बुराई का दायरा सिर्फ़ जिन्नात तक महदूद नहीं है, बल्कि इंसानों में भी ऐसे लोग होते हैं जो दूसरों को गुमराह करने, बुराई की तरफ़ बुलाने और दिलों में शक़ और बुरे ख़यालात डालने का काम करते हैं। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह अल्लाह की पनाह माँगे — न सिर्फ़ जिन्नी शैतानों से, बल्कि इंसानी शैतानों से भी — जो कभी खुले तौर पर दुश्मनी करते हैं और कभी छिपकर दिलों में वसवसे डालते हैं। यह सूरा हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह ही सबसे बड़ा रक्षक है, और उसकी पनाह में आकर ही इंसान हर तरह की बुराई से महफ़ूज़ रह सकता है। जो शख्स इस सूरा को पढ़कर अल्लाह से पनाह माँगता है, अल्लाह उसे हर उस बुराई से बचाता है जो उसके दीन और दुनिया को नुक़सान पहुँचा सकती है। यह सूरा हमारे लिए रहमत और हिफ़ाज़त का ज़रिया है, और हमें चाहिए कि इसे पढ़कर अल्लाह की पनाह तलब करें और अपने दिलों को उसकी याद से मुनव्वर रखें।



📜 आयत 4-6 — सूरा अन-नास

4مِن شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ
वसवसे की बुराई से पनाह माँगता हूँ
5الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ
जो (ख़ुदा के नाम से) पीछे हट जाता है जो लोगों के दिलों में वसवसे डाला करता है
6مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ
जिन्नात में से ख्वाह आदमियों में से
अन-नासकुरान सूची
6आयत
मक्कीअवतरण स्थान
6आयत

अनुवाद — अन-नास 6

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Saturday, October 3, 2026

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