अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- جَنَّاتُ عَدْنٍ: स्थायी निवास के बगीचे, यानी ऐसे बगीचे जिनमें हमेशा रहना हो।
- صَلَحَ: जो सुधर गया, नेक और अच्छा बन गया, जिसने अच्छे कर्म किए।
- آبَائِهِمْ: उनके बाप-दादा।
- أَزْوَاجِهِمْ: उनकी पत्नियाँ।
- ذُرِّيَّاتِهِمْ: उनकी संतानें।
- يَدْخُلُونَ عَلَيْهِم: उनके पास आते हैं, उनसे मिलने आते हैं।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उन मोमिनों के आख़िरती अंजाम का वर्णन कर रही है जिन्होंने अपने रब के आदेशों का पालन किया और अच्छे कर्म किए। उनका अंजाम यह है कि उन्हें "जन्नतुल अद्न" (स्थायी निवास के बगीचे) में दाखिल किया जाएगा, जहाँ वे हमेशा रहेंगे और कभी निकाले नहीं जाएँगे। यह उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान और इनाम है।
सबसे खूबसूरत बात यह है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को अकेला नहीं छोड़ेगा, बल्कि उनके साथ उनके उन रिश्तेदारों को भी जन्नत में दाखिल करेगा जो नेक थे — चाहे वे उनके बाप-दादा हों, पत्नियाँ हों या संतानें हों। यानी जो लोग ईमान और अच्छे कर्मों पर स्थिर रहे, उन्हें उनके परिवार वालों के साथ मिलाकर जन्नत में रखा जाएगा, ताकि उनकी खुशी और भी पूरी हो जाए और उनका आनंद दोगुना हो जाए।
इसके अलावा, जब ये नेक लोग जन्नत में दाखिल होंगे, तो फ़रिश्ते उन्हें मुबारकबाद देने के लिए हर दरवाज़े से उनके पास आएँगे। वे उन्हें सलाम करेंगे और उन्हें जन्नत की खुशखबरी देंगे। यह उनके लिए एक और बड़ा सम्मान है कि अल्लाह के करीबी फ़रिश्ते खुद उनके पास आकर उन्हें बधाई दें।
फ़ायदे (सीख):
- परिवार के साथ जन्नत: यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की रहमत इतनी वसीह है कि वह नेक बंदों को उनके परिवार के साथ जन्नत में इकट्ठा करेगा। यह हमें अपने परिवार को नेक बनाने की तरग़ीब देता है, ताकि हम सब मिलकर जन्नत में रह सकें।
- अच्छे कर्मों की बरकत: जो लोग अच्छे कर्म करते हैं, उनकी नेकी का फ़ायदा सिर्फ़ उन्हें ही नहीं बल्कि उनके रिश्तेदारों को भी मिलता है। यह हमें अच्छे कर्मों पर स्थिर रहने की प्रेरणा देता है।
- फ़रिश्तों का सम्मान: जन्नत में फ़रिश्तों का हर दरवाज़े से आकर मुबारकबाद देना दिखाता है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की कितनी इज़्ज़त करता है। यह हमें अल्लाह की रहमत और करम की उम्मीद दिलाता है।
- परिवार की ज़िम्मेदारी: यह आयत हमें याद दिलाती है कि हमें अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों की इस्लाह (सुधार) की कोशिश करनी चाहिए, ताकि हम सब मिलकर उस खूबसूरत मंज़िल तक पहुँच सकें।
📜 आयत 21-25 — अर-राद
अनुवाद — अर-राद 23
सूरा अर-राद आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (यानि) हमेशा रहने के बाग़ जिनमें वह आप जाएॅगे और…सूरा आयत 23/43 — अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-राद सुनें, अर-राद अनुवाद, अर-राद mp3, अर-राद pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








