Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَلَامٌ عَلَيْكُمْ: तुम पर सलामती हो, तुम हर बुराई से सुरक्षित रहे।
- بِمَا صَبَرْتُمْ: उस सब्र के बदले में जो तुमने किया।
- فَنِعْمَ عُقْبَى الدَّارِ: तो कितना अच्छा बदला है इस आख़िरत के घर का।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब मोमिन लोग जन्नत में दाख़िल होंगे, तो फ़रिश्ते उनका स्वागत करते हुए कहेंगे: "तुम पर सलामती हो, तुम हर तकलीफ़, हर ग़म और हर बुराई से महफ़ूज़ रहे। यह सब कुछ उस सब्र की बदौलत है जो तुमने दुनिया में किया।"
यानी उन्होंने अल्लाह की इताअत (आज्ञापालन) पर सब्र किया, गुनाहों से बचने पर सब्र किया, और अल्लाह की तरफ़ से आने वाली मुसीबतों और तकलीफ़ों पर भी सब्र किया। उन्होंने दुनिया की आसानियों और ख़्वाहिशों को छोड़कर आख़िरत की भलाई को तरजीह दी। इसी सब्र की वजह से आज उन्हें यह शानदार इनाम मिला है।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "तो कितना अच्छा बदला है इस आख़िरत के घर का!" यानी जन्नत का अंजाम कितना खूबसूरत और बेहतरीन है। दुनिया में जो मेहनत और मुश्किलें उठाईं, उनका बदला यहाँ इतनी बड़ी नेअमतों और आराम की शक्ल में मिला कि वह सारी तकलीफ़ें भूल गए। जैसे कहा जाता है: "वहाँ तकलीफ़ उठाई, तो यहाँ आराम मिला।"
फ़ायदे (सबक):
- सब्र की अज़ीमुल-शान फज़ीलत है — यह जन्नत तक पहुँचाने वाला ज़रिया है। जो इंसान दुनिया में सब्र करता है, अल्लाह उसे आख़िरत में ऐसा मुक़ाम अता करता है जहाँ फ़रिश्ते उसका स्वागत करते हैं।
- जन्नत की नेअमतें सिर्फ़ अमल का नतीजा नहीं, बल्कि अल्लाह का फ़ज़ल और करम हैं, जो वह अपने सब्र करने वाले बंदों को देता है।
- दुनिया की मुश्किलें और तकलीफ़ें अस्थायी हैं, और आख़िरत का इनाम उन सब से बेहतर और पाइदार है। इसलिए मोमिन को चाहिए कि वह दुनिया की आरामतलबी पर आख़िरत की भलाई को तरजीह दे।
- फ़रिश्तों का मोमिनों के लिए सलाम और दुआएँ करना इस बात की दलील है कि अल्लाह के नेक बंदे उसकी रहमत और मुहब्बत से घिरे हुए हैं — यह बात दिल को सुकून और इत्मीनान देती है।
📜 आयत 22-26 — सूरा अर-राद
अनुवाद — अर-राद 24
सूरा अर-राद आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और सलाम अलैकुम (के बाद कहेगें) कि (दुनिया में) तुमने…सूरा आयत 24/43 — सूरा अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-राद सुनें, सूरा अर-राद अनुवाद, सूरा अर-राद mp3, सूरा अर-राद pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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