अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अल-मालु वल-बनून: धन और संतान।
- ज़ीनतु अल-हयात अद-दुन्या: सांसारिक जीवन की शोभा और सजावट।
- अल-बाक़ियातु अस-सालिहात: स्थायी और शाश्वत अच्छे कर्म, विशेष रूप से तस्बीह (सुब्हानअल्लाह), तहमीद (अल्हम्दुलिल्लाह), तकबीर (अल्लाहु अकबर), तहलील (ला इलाहा इल्लल्लाह) और 'ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह' जैसे वाक्य।
- थवाबन: बदले या पुरस्कार के रूप में।
- अमलन: आशा या वह चीज़ जिसकी मनुष्य को उम्मीद हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई समझा रहे हैं। धन और संतान—ये दोनों चीज़ें इस दुनिया की ज़िंदगी की शोभा और सजावट हैं। इन्हीं पर लोग फ़ख़्र करते हैं, इन्हीं को अपनी ताक़त समझते हैं, और इन्हीं के दम पर दूसरों से बढ़ने का दावा करते हैं। लेकिन यह सब कुछ फ़ानी (नाशवान) है। यह दुनिया ख़त्म होने वाली है, और यह सारी शोभा एक दिन मिट्टी में मिल जाएगी। धन और संतान का कोई फ़ायदा आख़िरत में नहीं होगा, सिवाय उस धन के जो अल्लाह की राह में ख़र्च किया जाए और उस संतान के जो नेक और सालिह हो।
इसके विपरीत, "अल-बाक़ियातु अस-सालिहात" यानी वे अच्छे कर्म और पाक वाक्य जो अल्लाह की रज़ा के लिए किए जाएँ—जैसे सुब्हानअल्लाह, अल्हम्दुलिल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह, अल्लाहु अकबर, और ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह—ये स्थायी हैं। ये कभी ख़त्म नहीं होते। ये आपके रब के पास बेहतर हैं, थवाब (पुरस्कार) के लिहाज़ से भी और आशा के लिहाज़ से भी। यानी जो इंसान इन अच्छे कर्मों को अपनाता है, उसे आख़िरत में वह कुछ मिलता है जिसकी उसे उम्मीद थी, और उसका अंजाम भी बेहतरीन होता है।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि दुनिया की चमक-दमक पर दिल मत लगाओ। धन और संतान अल्लाह की नेमत हैं, लेकिन इन्हें अपना निशाना मत बनाओ। असली कामयाबी उस इंसान की है जो अपने रब की याद में जिए, उसके हुक्मों पर अमल करे, और अपने अच्छे कर्मों को जमा करता रहे। याद रखो, यह दुनिया एक दिन ख़त्म हो जाएगी, लेकिन अच्छे कर्मों का सिला कभी ख़त्म नहीं होगा। इसलिए अपनी ज़िंदगी को ऐसे कर्मों से भर दो जो आख़िरत में तुम्हारे काम आएँ, और अल्लाह से उस चीज़ की उम्मीद रखो जो हमेशा रहने वाली है—जन्नत और उसकी रज़ा। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 44-48 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 46
सूरा अल-कहफ आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) माल और औलाद (इस ज़रा सी) दुनिया की…सूरा आयत 46/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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