अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- हशीमन (هَشِيمًا): सूखा, चूर-चूर और टूटा-फूटा पौधा।
- तज़रूहु (تَذْرُوهُ): हवाएँ उसे उड़ाकर बिखेर दें।
- मुक्तदिरन (مُقْتَدِرًا): हर चीज़ पर पूर्ण शक्ति रखने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! उन लोगों को, जो दुनिया की चमक-दमक पर इतरा रहे हैं और अपनी ताकत, धन-दौलत और ऐशो-आराम पर घमंड कर रहे हैं, दुनिया की इस हकीकत का एक उदाहरण दो। यह दुनिया बिल्कुल उस बारिश की तरह है जिसे हमने आसमान से उतारा। जब यह बारिश ज़मीन पर गिरती है, तो उसके साथ मिलकर ज़मीन से तरह-तरह के पौधे उग आते हैं, हरियाली छा जाती है, खेत लहलहा उठते हैं। लोग इस हरियाली को देखकर खुश हो जाते हैं और समझते हैं कि यह सब हमेशा रहेगा। लेकिन कुछ ही दिनों की बात है कि यही हरियाली सूखकर चूर-चूर हो जाती है, टूट-फूटकर बिखर जाती है, और फिर हवाएँ उसके टुकड़ों को इधर-उधर उड़ा ले जाती हैं। ज़मीन फिर से पहले जैसी खाली और बेकार हो जाती है। यही हाल दुनिया का है — आज है, कल नहीं। इसकी खूबसूरती, इसकी दौलत, इसके पद और ओहदे — सब कुछ एक दिन मिट्टी में मिल जाने वाला है। जो लोग केवल इसी दुनिया को अपना सब कुछ मान बैठे हैं, वे कितने नादान हैं कि एक ऐसी चीज़ पर भरोसा कर रहे हैं जो पल भर में गायब हो जाने वाली है।
और याद रखो, अल्लाह हर चीज़ पर पूरी ताकत रखता है। वही जिसने यह दुनिया बनाई, वही इसे मिटाने पर भी क़ादिर है। वह जिसे चाहे जीवन दे, जिसे चाहे मौत, जिसे चाहे तरक्की, जिसे चाहे ज़वाल। उसकी कुदरत के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं। इसलिए अक्लमंद वही है जो इस फ़ानी दुनिया को आख़िरत की कामयाबी का ज़रिया बनाए, न कि इसी दुनिया को अपना आख़िरी मक़सद समझ ले। यह दुनिया एक मेहमानख़ाना है, और आख़िरत हमारा हमेशा का घर है। जो लोग इस सच्चाई को समझ गए, उन्होंने अपनी ज़िंदगी को कामयाब बना लिया, और जो इससे ग़ाफ़िल रहे, वे सिर्फ़ एक सराब (धोखे) के पीछे भागते रह गए। अल्लाह की रहमत और उसकी जन्नत की तरफ़ बढ़ो, क्योंकि वही हमेशा रहने वाली नेमत है, और यह दुनिया तो बस एक गुज़रता हुआ साया है।
📜 आयत 43-47 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 45
सूरा अल-कहफ आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) इनसे दुनिया की ज़िन्दगी की मसल भी…सूरा आयत 45/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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