Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- हूदًا: यहूदी (हूद का बहुवचन, यानी यहूदी धर्म को मानने वाले)।
- नसारा: नसारा (ईसाई, नासिरी शब्द का बहुवचन)।
- अमानिय्यहुम: उनकी कामनाएँ, झूठी आशाएँ और मनगढ़ंत ख्वाहिशें।
- बुरहान: प्रमाण, ठोस दलील, स्पष्ट साक्ष्य।
तफ़सीर (व्याख्या):
यहूदियों ने दावा किया कि जन्नत (स्वर्ग) में सिर्फ़ वही लोग प्रवेश करेंगे जो यहूदी होंगे, और ईसाइयों ने कहा कि जन्नत सिर्फ़ उन्हीं के लिए है जो नसारा (ईसाई) होंगे। इस तरह हर एक गिरोह ने अपने आपको जन्नत का विशेष अधिकारी समझा और दूसरों को उससे वंचित ठहराया। यह उनकी निराधार कल्पनाएँ और झूठी आशाएँ हैं, जिनका कोई वास्तविक आधार नहीं। अल्लाह ने अपने नबी ﷺ को हुक्म दिया कि उनसे कहें: "अगर तुम अपने इस दावे में सच्चे हो, तो अपने पास से कोई ठोस प्रमाण या दलील पेश करो।" यानी सिर्फ़ दावा करना काफ़ी नहीं, बल्कि सच्चाई के लिए सबूत चाहिए। जन्नत किसी क़ौम या गिरोह की विरासत नहीं है, बल्कि वहाँ पहुँचने का रास्ता ईमान और नेक अमल से होकर जाता है।
फ़ायदे (उपदेश):
- दावे के साथ सबूत ज़रूरी है: किसी भी धार्मिक या विश्वास के मामले में सिर्फ़ दावा करना काफ़ी नहीं, बल्कि उसके पक्ष में स्पष्ट प्रमाण और तर्क पेश करना आवश्यक है। यह इस्लाम की तर्कसंगत और बौद्धिक शिक्षा को दर्शाता है।
- अल्लाह की रहमत किसी एक गिरोह के लिए ख़ास नहीं: जन्नत किसी विशेष जाति, रंग, या संप्रदाय का एकाधिकार नहीं है। यह उन सभी के लिए है जो अल्लाह पर ईमान लाते हैं, उसकी इबादत करते हैं और नेक काम करते हैं। यह बात मुसलमानों को सिखाती है कि वे अपने अमल पर ध्यान दें, न कि सिर्फ़ नाम या पहचान पर इतराएँ।
- झूठी आशाओं से बचना: जो लोग बिना अमल के सिर्फ़ ख़्वाहिशों पर टिके रहते हैं, वे धोखे में हैं। क़ुरआन हमें बताता है कि अल्लाह के यहाँ वही चीज़ क़बूल होगी जो सच्चे ईमान और अच्छे कर्मों के साथ हो।
- इस्लाम में इंसाफ़ और सच्चाई की पैरवी: यह आयत सिखाती है कि हमें अपने विश्वासों में अंधी पैरवी नहीं करनी चाहिए, बल्कि सच्चाई की तलाश करनी चाहिए और उसी पर चलना चाहिए। यही वह रास्ता है जो जन्नत तक पहुँचाता है।
📜 आयत 109-113 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 111
सूरा अल-बकरा आयत 111 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (यहूद) कहते हैं कि यहूद (के सिवा) और (नसारा…सूरा आयत 111/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 109–113. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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