अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَتْلُو – पढ़कर सुनाते हैं
- آيَاتِنَا – हमारी आयतें (क़ुरआन की आयतें)
- يُزَكِّيكُمْ – तुम्हें पवित्र करते हैं (शिर्क और बुरे आचरण से साफ़ करते हैं)
- الْكِتَابَ – किताब (क़ुरआन)
- الْحِكْمَةَ – हिकमत (सुन्नत और समझदारी)
- مَا لَمْ تَكُونُوا تَعْلَمُونَ – वह चीज़ें जो तुम नहीं जानते थे
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपनी एक और बड़ी नेमत (कृपा) का ज़िक्र किया है। जिस तरह उसने तुम्हें काबा की तरफ़ रुख़ करने की नेमत दी, उसी तरह उसने तुम्हारे बीच एक रसूल भेजा जो ख़ुद तुम्हीं में से है — यानी हज़रत मुहम्मद ﷺ। यह बहुत बड़ी बात है कि रसूल तुम्हारी ही क़ौम से आया, ताकि तुम उनकी ज़िंदगी, उनके अख़लाक़ और उनके हालात को अच्छी तरह जान सको और उनसे सीख सको।
उस रसूल के चार बड़े काम बताए गए हैं:
पहला: वह तुम्हें अल्लाह की आयतें पढ़कर सुनाते हैं — यानी क़ुरआन की वह आयतें जो हक़ (सच्चाई) को बातिल (झूठ) से अलग करती हैं, और तुम्हें रास्ता दिखाती हैं।
दूसरा: वह तुम्हें पवित्र करते हैं — यानी तुम्हें शिर्क की गंदगी से, बुरे अख़लाक़ से, बुरे कामों से पाक करते हैं। वह तुम्हें अच्छाइयाँ और भलाई के काम सिखाते हैं और बुराइयों से रोकते हैं, ताकि तुम्हारे दिल साफ़ हों और तुम्हारी ज़िंदगी पाकीज़ा बने।
तीसरा: वह तुम्हें किताब (क़ुरआन) और हिकमत (सुन्नत) सिखाते हैं — यानी अल्लाह का कलाम और रसूल ﷺ का तरीक़ा, दोनों तुम्हें सिखाया जाता है, ताकि तुम दुनिया और आख़िरत की भलाई समझ सको।
चौथा: वह तुम्हें वह चीज़ें सिखाते हैं जो तुम नहीं जानते थे — यानी अंबिया के हालात, पिछली उम्मतों के क़िस्से, दीन के अहकाम, हलाल-हराम, और दुनिया-आख़िरत की वह बातें जिनका तुम्हें ज़रा भी इल्म नहीं था।
यह अल्लाह की बहुत बड़ी मेहरबानी है कि उसने तुम्हें ऐसा रसूल दिया जो तुम्हें अंधेरे से निकालकर रोशनी की तरफ़ लाता है। इस नेमत की क़द्र करनी चाहिए, उस पर शुक्र अदा करना चाहिए, और रसूल ﷺ की बताई हुई राह पर चलना चाहिए। यही सच्ची कामयाबी है — कि हम क़ुरआन को पढ़ें, उस पर अमल करें, रसूल ﷺ की सुन्नत को अपनाएँ, और अपनी ज़िंदगी को पाक और साफ़ बनाएँ। अल्लाह हमें इस नेमत का सही शुक्र अदा करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 149-153 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 151
सूरा अल-बकरा आयत 151 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तीसरा फायदा ये है ताकि तुम हिदायत पाओ मुसलमानों…सूरा आयत 151/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 149–153. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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