अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُنفِقُونَ: खर्च करते हैं (अल्लाह की राह में)
- سِرًّا: छिपाकर, गुप्त रूप से
- عَلَانِيَةً: खुले तौर पर, प्रकट रूप से
- أَجْرُهُمْ: उनका प्रतिफल, उनका बदला
- خَوْفٌ: भय, डर
- يَحْزَنُونَ: शोकित होते हैं, उदास होते हैं
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मोमिनों की प्रशंसा करती है जो अपने धन को अल्लाह की राह में खर्च करते हैं—चाहे रात हो या दिन, चाहे छिपकर खर्च करें या खुले तौर पर। वे ऐसा केवल अल्लाह की प्रसन्नता के लिए करते हैं, न कि लोगों को दिखाने या प्रशंसा पाने के लिए। उनका यह खर्च रिया (दिखावे) और सुन्नत (नाम कमाने) से पाक होता है।
ऐसे लोगों के लिए अल्लाह के पास उनका पूरा प्रतिफल सुरक्षित है, जो उन्हें क़ियामत के दिन मिलेगा। उन्हें आख़िरत के किसी भी मामले में कोई भय नहीं होगा, और न ही वे दुनिया की उन चीज़ों पर शोक करेंगे जो उनसे छूट गईं। यह अल्लाह की ओर से एक विशेष कृपा और उपहार है।
यह आयत इस्लाम के उस नियम की ओर इशारा करती है जो खर्च (इन्फ़ाक़) के बारे में बताता है—कि इसका उद्देश्य ग़रीबों की ज़रूरतें पूरी करना, अमीरों के माल को पाक करना, और नेकी तथा परहेज़गारी में सहयोग करना है, बिना किसी दबाव या ज़बरदस्ती के, केवल अल्लाह की रज़ा के लिए।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि खर्च करने का सबसे उत्तम तरीका यह है कि वह हर समय (रात-दिन) और हर हालत (छिपकर और खुले तौर पर) में अल्लाह की रज़ा के लिए हो।
- अल्लाह तआला अपने बंदों के छोटे-बड़े हर अच्छे काम को देखता है और उसका पूरा बदला देता है—चाहे वह कितना ही छिपा क्यों न हो।
- जो व्यक्ति अल्लाह की राह में खर्च करता है, उसे दुनिया में भी मन की शांति मिलती है और आख़िरत में भी वह हर भय और शोक से सुरक्षित रहेगा।
- यह आयत हमें सिखाती है कि दिखावे और प्रशंसा की चाहत से पाक होकर खर्च करना ही असली नेकी है, और यही वह रास्ता है जो इंसान को अल्लाह की मुहब्बत और उसके करीब होने का ज़रिया बनता है।
- इस्लाम एक ऐसा दीन है जो अमीर और ग़रीब, दोनों की भलाई चाहता है—अमीर अपने माल को पाक करता है और ग़रीब की मदद होती है, इस तरह समाज में भाईचारा और सहयोग बढ़ता है।
📜 आयत 272-276 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 274
सूरा अल-बकरा आयत 274 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग रात को या दिन को छिपा कर या…सूरा आयत 274/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 272–276. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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