अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- बुश्रन (بُشْرًا): खुशखबरी देने वाली।
- बैन यदै रहमतिही (بَيْنَ يَدَيْ رَحْمَتِهِ): अपनी रहमत (बारिश) से पहले।
- तहूरन (طَهُورًا): पाक और पवित्र करने वाला पानी, जो अपनी मूल प्रकृति पर कायम हो।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ही वह (सर्वशक्तिमान) है जिसने हवाओं को भेजा, जो बारिश की खुशखबरी लेकर आती हैं। ये हवाएँ बादलों को उठाती हैं और उन्हें उन जगहों की ओर ले जाती हैं जहाँ अल्लाह चाहता है, ताकि वे अपनी रहमत (बारिश) से पहले बंदों को सचेत कर दें। फिर अल्लाह ने आसमान से पाक और पवित्र करने वाला पानी उतारा — वह पानी जो अपनी मूल फितरत पर कायम है, न तो नापाक है और न ही उसमें कोई मिलावट है। यही पानी लोगों के लिए तहारत (पवित्रता) का ज़रिया बनता है, जिससे वे वुज़ू और ग़ुस्ल करते हैं, और इसी पानी से अल्लाह बंजर ज़मीन को हरा-भरा करता है, मुर्दा इलाक़ों को ज़िंदगी देता है, और इससे इंसानों और जानवरों की कसरत को सिंचाई करता है।
दावती पहलू:
इस आयत में अल्लाह की उन नेमतों का ज़िक्र है जिन्हें हम अक्सर आम समझकर अनदेखा कर देते हैं। ज़रा सोचिए — जब हवाएँ चलती हैं और बारिश के बादल आते हैं, तो यह अल्लाह की रहमत का पैग़ाम होता है। यह पानी जो हमारे लिए पाकी और सफ़ाई का ज़रिया बना, और जिससे हमारी ज़िंदगी क़ायम है — यह अल्लाह की महान दया का सबूत है। क्या हमें इस पर शुक्र नहीं करना चाहिए? क्या हमें अपने रब की इन नेमतों को पहचानकर उसकी इबादत और उसके हुक्मों पर अमल नहीं करना चाहिए? यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत हर जगह फैली हुई है, और उसका पानी सिर्फ शारीरिक पवित्रता ही नहीं, बल्कि आत्मिक पवित्रता की भी दावत देता है। जैसे यह पानी गंदगी को धोता है, वैसे ही तौबा और ईमान इंसान के गुनाहों को धो देते हैं। आइए, हम अल्लाह के इस एहसान को याद रखें और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक बनाएँ।
📜 आयत 46-50 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 48
सूरा अल-फुरकान आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने अपनी रहमत (बारिश)…सूरा आयत 48/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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