अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لِنُحْيِيَ بِهِ – ताकि हम उस (पानी) के द्वारा ज़िंदा करें।
- بَلْدَةً مَّيْتًا – एक मुर्दा (बंजर) भूमि।
- وَنُسْقِيَهُ – और हम उस (पानी) को पिलाते हैं।
- أَنْعَامًا – चौपाए (जानवर)।
- وَأَنَاسِيَّ – बहुत से इंसान (अनासी, इंसी की बहुवचन है)।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने अपनी रहमत और क़ुदरत का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि हमने आसमान से पाक पानी उतारा, ताकि उसके ज़रिए एक मुर्दा (बंजर) ज़मीन को ज़िंदा करें – यानी उसमें हरियाली, खेती और तरह-तरह के पौधे उगाएँ, जो पहले बिल्कुल सूखी और बेकार पड़ी थी। यह अल्लाह की कुदरत की निशानी है कि वही ज़मीन, जो मुर्दा थी, पानी बरसते ही ज़िंदा हो जाती है और अपनी गोद से अनगिनत नेअमतें निकालती है।
इसी पानी से हम अपनी मख़लूक़ात में से चौपाए जानवरों (ऊँट, गाय, बकरी आदि) को और बहुत से इंसानों को सिंचाई करते हैं – यानी उन्हें पिलाते हैं, जिससे उनकी ज़िंदगी क़ायम रहती है। यहाँ पहले ज़मीन का ज़िक्र किया गया, फिर जानवरों और इंसानों का, क्योंकि ज़मीन की ज़िंदगी ही उनकी ज़िंदगी का ज़रिया है। जब ज़मीन हरी-भरी होती है, तो चारा पैदा होता है, जानवर पलते हैं, और इंसान उनसे फ़ायदा उठाते हैं।
यह आयत हमें अल्लाह की उस महान नेअमत पर ग़ौर करने की तरग़ीब देती है जो हर पल हमारे काम आ रही है। पानी ही वह असल ज़रिया है जिससे ज़िंदगी क़ायम है। अगर पानी न हो, तो न खेती हो, न जानवर, न इंसान। यह हमारे रब की रहमत है कि उसने बारिश का निज़ाम बनाया, ताकि हम उसके शुक्रगुज़ार बनें और उसकी कुदरत को पहचानें। जिस अल्लाह ने बंजर ज़मीन को ज़िंदा करने की ताक़त रखी है, वही क़यामत के दिन मुर्दों को भी ज़िंदा करेगा – यह हमारे लिए एक बड़ी सबक़ और ईमान की दावत है। हमें चाहिए कि इस नेअमत की क़द्र करें, अल्लाह का शुक्र अदा करें और उसकी नाफ़रमानी से बचें, क्योंकि वही हमें पानी देने वाला और ज़िंदगी बख़्शने वाला है।
📜 आयत 47-51 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 49
सूरा अल-फुरकान आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ताकि हम उसके ज़रिए से मुर्दा (वीरान) शहर को ज़िन्दा…सूरा आयत 49/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








