Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- آيَةً: निशानी, चमत्कार (मुजिज़ा)
- أَعْنَاقُهُمْ: उनकी गर्दनें
- خَاضِعِينَ: झुके हुए, विनम्र, आज्ञाकारी
तफ़सीर:
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को तसल्ली देते हुए फ़रमाता है कि ऐ नबी! अगर हम चाहें तो इन झुठलाने वालों पर आसमान से ऐसी निशानी (मुजिज़ा) उतार दें जो उन्हें डरा दे और उन्हें मजबूर कर दे कि वे ईमान ले आएँ। ऐसी निशानी कि उनकी गर्दनें उसके सामने झुक जाएँ और वे सबके सब ख़ुशू-ओ-ख़ुज़ू के साथ उसके आगे सर झुका दें, और कोई भी उसका इनकार न कर सके।
लेकिन अल्लाह तआला ने ऐसा नहीं किया, क्योंकि अल्लाह की हिक्मत (बुद्धिमत्ता) यह है कि वह अपने बंदों को आज़माइश में डालता है, ताकि देखे कि कौन ईमान लाता है बिना देखे, और कौन सिर्फ मजबूरी में झुकता है। असली ईमान वही है जो ग़ैब (अनदेखी चीज़ों) पर ईमान लाने से हो, इख़्तियार (स्वतंत्र विकल्प) के साथ, न कि मजबूरी से।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला ने हमें अक़्ल और समझ दी है, और कुरआन जैसी महान निशानी हमारे सामने रख दी है। हमें चाहिए कि हम इस पर ग़ौर-ओ-फ़िक्र करें और अपनी मर्ज़ी से, अपने दिल की ख़ुशी से अल्लाह के आगे सर झुकाएँ। यही ईमान है जो हमें अल्लाह की रहमत और जन्नत तक पहुँचाता है। अल्लाह हमें सच्चे दिल से ईमान लाने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 2-6 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 4
सूरा अश-शुआरा आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अगर हम चाहें तो उन लोगों पर आसमान से कोई…सूरा आयत 4/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


