Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذِكْرٍ (ज़िक्र): यहाँ इसका अर्थ है क़ुरआन और वह नसीहत जो अल्लाह की ओर से भेजी जाती है।
- مُحْدَثٍ (मुहदस): नया उतारा गया, यानी जो वही थोड़ी-थोड़ी करके नई रूप में उतरती रहती है।
- مُعْرِضِينَ (मु'रिज़ीन): मुँह मोड़ने वाले, ध्यान न देने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों की हालत बयान करती है जो सच्चाई से मुँह मोड़ते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जब भी उनके पास रहमान की ओर से कोई नई नसीहत, कोई नया ज़िक्र (क़ुरआन की आयतें) आता है — जो उन्हें सीधे रास्ते की तरफ बुलाती है, उन्हें अल्लाह की याद दिलाती है, और उनकी भलाई के लिए होती है — तो वे उससे मुँह मोड़ लेते हैं। वे उसे सुनना तक पसंद नहीं करते, उस पर विचार नहीं करते, और न ही उसे क़बूल करते हैं। यह उनकी ज़िद और अहंकार की सबसे बड़ी निशानी है कि जो चीज़ उनकी अपनी भलाई के लिए आती है, उसी से वे दूर भागते हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा हमेशा खुला है — वह अपने बंदों की हिदायत के लिए बार-बार नसीहतें भेजता है, कभी एक आयत, कभी एक सूरह। लेकिन अफ़सोस उन लोगों पर जो इस रहमत को ठुकरा देते हैं। अल्लाह तआला अपनी रहमत से हमें हिदायत देता है, हमें ज़िंदगी का सही रास्ता दिखाता है, और हमें अंधेरों से निकालकर रोशनी की तरफ लाता है। क्या यह उसकी सबसे बड़ी मेहरबानी नहीं?
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि जब भी क़ुरआन की कोई आयत सुनें, उसे ध्यान से सुनें, उस पर ग़ौर करें, और उसे अपनी ज़िंदगी में लागू करें। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। अल्लाह की रहमत का यह ज़रिया हमारे लिए कितनी बड़ी नेमत है — हमें चाहिए कि हम इस नेमत की क़द्र करें और उससे मुँह न मोड़ें। याद रखिए, जो लोग अल्लाह की नसीहत से मुँह मोड़ते हैं, वे सिर्फ़ अपना ही नुक़सान करते हैं, क्योंकि अल्लाह को किसी की ज़रूरत नहीं, बल्कि हम सब उसके मोहताज हैं।
📜 आयत 3-7 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 5
सूरा अश-शुआरा आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (लोगों का क़ायदा है कि) जब उनके पास कोई…सूरा आयत 5/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


