अर-रूम · 3/60
अनुवाद उच्चारण — सूरा अर-रूम
فِي أَدْنَى الْأَرْضِ وَهُم مِّن بَعْدِ غَلَبِهِمْ سَيَغْلِبُونَ ۝٣
Feee adnal ardi wa hummim ba`di ghalabihim sa ya ghliboon
📖 हिंदी अर्थ
मगर ये लोग अनक़रीब ही अपने हार जाने के बाद चन्द सालों में फिर (अहले फ़ारस पर) ग़ालिब आ जाएँगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अदनल अर्ज़ (أَدْنَى الْأَرْضِ): सबसे नज़दीकी ज़मीन, यानी शाम (सीरिया) का वह इलाक़ा जो फ़ारस की सरहद के सबसे क़रीब था।
  • ग़लबा (غَلَبِهِمْ): उनके ऊपर जीत, यानी फ़ारसियों का रोमियों पर जीत हासिल करना।
  • सयग़लिबून (سَيَغْلِبُونَ): वे जल्द ही जीत जाएँगे, यानी रोमी फ़ारसियों पर फिर से विजय पाएँगे।

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला ने एक ऐतिहासिक और भविष्यवाणी पर आधारित ख़बर दी है। उस वक़्त फ़ारस की सेना ने रोम (बीज़ानती साम्राज्य) को शिकस्त दी थी, और यह जंग शाम के उस इलाक़े में हुई जो फ़ारस की सरहद के बहुत करीब था — उसे "अदनल अर्ज़" (सबसे नज़दीकी ज़मीन) कहा गया। यह वही इलाक़ा है जिसे "जज़ीरा" कहा जाता है, जो दजला और फ़रात नदियों के बीच स्थित है।

इस जीत के बाद मक्का के मुशरिकीन बहुत खुश हुए, क्योंकि फ़ारसी मजूसी (आग की पूजा करने वाले) थे और रोमी अहले-किताब (ईसाई) थे। मुशरिकीन ने मुसलमानों से कहा कि जिस तरह फ़ारसियों ने रोमियों को हराया, उसी तरह हम तुम्हें हरा देंगे। उस वक़्त अल्लाह ने यह आयत उतारी और फ़रमाया कि रोमी, फ़ारसियों से हारने के बाद जल्द ही उन्हें हरा देंगे। यह भविष्यवाणी उस वक़्त बहुत हैरान करने वाली थी, क्योंकि रोमी बुरी तरह कमज़ोर हो चुके थे।

अल्लाह तआला ने यह भी फ़रमाया कि पूरा मामला उसी के हाथ में है — जीत और हार, इज़्ज़त और ज़िल्लत, सब कुछ उसी की मर्ज़ी से होता है। जब रोमी फ़ारसियों पर जीत हासिल करेंगे, तो उस दिन मोमिनीन खुश होंगे, क्योंकि यह अल्लाह की भविष्यवाणी का सच होना होगा और अहले-किताब की जीत में मुसलमानों के लिए दिलासा होगा।

और ऐसा ही हुआ — सात साल के अंदर रोमियों ने फ़ारसियों को शिकस्त दी, और मुसलमानों को इससे बहुत खुशी हुई। यह अल्लाह की क़ुदरत और उसके कलाम की सच्चाई का ज़िंदा सबूत है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला की ख़बरें और वादे कभी झूठे नहीं होते। जब अल्लाह कुछ फ़रमाता है, तो वह ज़रूर होकर रहता है। इससे हमारा ईमान मज़बूत होता है कि क़ुरआन अल्लाह की किताब है, और इसमें बताई गई हर बात सच है। चाहे हालात कितने भी मुश्किल हों, अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। जिस तरह रोमी हार के बाद जीत गए, उसी तरह मुसलमानों को भी हर मुश्किल में उम्मीद रखनी चाहिए कि अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी। यह आयत हमें सब्र, भरोसे और यक़ीन की तालीम देती है — कि अल्लाह के वादे सच्चे हैं, और वही सब कुछ करने पर क़ादिर है।



📜 आयत 1-5 — सूरा अर-रूम

1الم
अलिफ़ लाम मीम
2غُلِبَتِ الرُّومُ
(यहाँ से) बहुत क़रीब के मुल्क में रोमी (नसारा अहले फ़ारस आतिश परस्तों से) हार गए
3فِي أَدْنَى الْأَرْضِ وَهُم مِّن بَعْدِ غَلَبِهِمْ سَيَغْلِبُونَ
मगर ये लोग अनक़रीब ही अपने हार जाने के बाद चन्द सालों में फिर (अहले फ़ारस पर) ग़ालिब आ जाएँगे
4فِي بِضْعِ سِنِينَ ۗ لِلَّهِ الْأَمْرُ مِن قَبْلُ وَمِن بَعْدُ ۚ وَيَوْمَئِذٍ يَفْرَحُ الْمُؤْمِنُونَ
क्योंकि (इससे) पहले और बाद (ग़रज़ हर ज़माने में) हर अम्र का एख्तेयार ख़ुदा ही को है और उस दिन ईमानदार लोग ख़ुदा की मदद से खुश हो जाएँगे
5بِنَصْرِ اللَّهِ ۚ يَنصُرُ مَن يَشَاءُ ۖ وَهُوَ الْعَزِيزُ الرَّحِيمُ
वह जिसकी चाहता है मदद करता है और वह (सब पर) ग़ालिब रहम करने वाला है
अर-रूमकुरान सूची
60आयत
मक्कीअवतरण स्थान
3आयत

अनुवाद — अर-रूम 3

सूरा अर-रूम आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर ये लोग अनक़रीब ही अपने हार जाने के बाद…

सूरा आयत 3/60 — सूरा अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रूम सुनें, सूरा अर-रूम अनुवाद, सूरा अर-रूम mp3, सूरा अर-रूम pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Wednesday, September 30, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए