लुकमान · 8/34
अनुवाद उच्चारण — लुकमान
إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَهُمْ جَنَّاتُ النَّعِيمِ ۝٨
Innal lazeena aamanoo wa `amilus saalihaati lahum Janaatun Na`eem
📖 हिंदी अर्थ
बेशक जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे काम किए उनके लिए नेअमत के (हरे भरे बेहश्ती) बाग़ हैं कि यो उनमें हमेशा रहेंगे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • آمَنُوا: ईमान लाए, अल्लाह और उसके रसूल पर विश्वास किया।
  • الصَّالِحَاتِ: अच्छे कर्म, वे कार्य जो अल्लाह और उसके रसूल ने आदेश दिए हैं।
  • جَنَّاتُ النَّعِيمِ: ऐसे बाग़ जो हर प्रकार के सुखों और आनंद से भरे हुए हैं, जिनकी कोई कमी नहीं।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों की खुशखबरी सुना रहा है जो ईमान लाते हैं—अर्थात् अल्लाह पर, उसके रसूल पर, उसकी किताबों पर और आख़िरत के दिन पर पूर्ण विश्वास रखते हैं—और साथ ही वे अच्छे कर्म करते हैं, यानी अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालते हैं, नमाज़ पढ़ते हैं, ज़कात देते हैं, सच बोलते हैं, लोगों के साथ भलाई करते हैं और हर उस काम से बचते हैं जो अल्लाह ने मना किया है। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने "जन्नतुल-नईम" तैयार की है—वह जन्नत जो हर प्रकार के सुखों से भरी हुई है, जहाँ कोई दुख, थकान, चिंता या मृत्यु नहीं होगी। वहाँ उन्हें वह सब कुछ मिलेगा जो उनका दिल चाहेगा और आँखों को सुकून देगा, और वे हमेशा हमेशा उसी आनंद में रहेंगे।

यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह कभी अपना वादा नहीं तोड़ता। यह आयत हर उस मुसलमान के लिए एक बड़ी खुशखबरी है जो ईमान को अपने दिल में जगह देता है और उसे अपने अमल से साबित करता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें और अपने कर्मों को सुधारें, क्योंकि यही वह रास्ता है जो हमें उस हमेशा की खुशी तक पहुँचाता है। अल्लाह की रहमत और उसका इनाम उन लोगों के लिए है जो उस पर भरोसा करते हैं और उसकी राह में भलाई के काम करते हैं। याद रखें, दुनिया की यह ज़िंदगी बहुत छोटी है, लेकिन आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा की है—और जन्नत की नेमतें उन सब चीज़ों से बेहतर हैं जो इस दुनिया में इकट्ठा की जा सकती हैं।

🎧 सुनें

📜 आयत 6-10 — लुकमान

6وَمِنَ النَّاسِ مَن يَشْتَرِي لَهْوَ الْحَدِيثِ لِيُضِلَّ عَن سَبِيلِ اللَّهِ بِغَيْرِ عِلْمٍ وَيَتَّخِذَهَا هُزُوًا ۚ أُولَٰئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ مُّهِينٌ
और लोगों में बाज़ (नज़र बिन हारिस) ऐसा है जो बेहूदा क़िस्से (कहानियाँ) ख़रीदता है ताकि बग़ैर समझे बूझे (लोगों को) ख़ुदा की (सीधी) राह से भड़का दे और आयातें ख़ुदा से मसख़रापन करे ऐसे ही लोगों के लिए बड़ा रुसवा करने वाला अज़ाब है
7وَإِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِ آيَاتُنَا وَلَّىٰ مُسْتَكْبِرًا كَأَن لَّمْ يَسْمَعْهَا كَأَنَّ فِي أُذُنَيْهِ وَقْرًا ۖ فَبَشِّرْهُ بِعَذَابٍ أَلِيمٍ
और जब उसके सामने हमारी आयतें पढ़ी जाती हैं तो शेख़ी के मारे मुँह फेरकर (इस तरह) चल देता है गोया उसने इन आयतों को सुना ही नहीं जैसे उसके दोनो कानों में ठेठी है तो (ऐ रसूल) तुम उसको दर्दनाक अज़ाब की (अभी से) खुशख़बरी दे दे
8إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَهُمْ جَنَّاتُ النَّعِيمِ
बेशक जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे काम किए उनके लिए नेअमत के (हरे भरे बेहश्ती) बाग़ हैं कि यो उनमें हमेशा रहेंगे
9خَالِدِينَ فِيهَا ۖ وَعْدَ اللَّهِ حَقًّا ۚ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ
ये ख़ुदा का पक्का वायदा है और वह तो (सब पर) ग़ालिब हिकमत वाला है
10خَلَقَ السَّمَاوَاتِ بِغَيْرِ عَمَدٍ تَرَوْنَهَا ۖ وَأَلْقَىٰ فِي الْأَرْضِ رَوَاسِيَ أَن تَمِيدَ بِكُمْ وَبَثَّ فِيهَا مِن كُلِّ دَابَّةٍ ۚ وَأَنزَلْنَا مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَأَنبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجٍ كَرِيمٍ
तुम उन्हें देख रहे हो कि उसी ने बग़ैर सुतून के आसमानों को बना डाला और उसी ने ज़मीन पर (भारी भारी) पहाड़ों के लंगर डाल दिए कि (मुबादा) तुम्हें लेकर किसी तरफ जुम्बिश करे और उसी ने हर तरह चल फिर करने वाले (जानवर) ज़मीन में फैलाए और हमने आसमान से पानी बरसाया और (उसके ज़रिए से) ज़मीन में हर रंग के नफ़ीस जोड़े पैदा किए
लुकमानकुरान सूची
34आयत
मक्कीRevelation
8आयत

अनुवाद — लुकमान 8

सूरा लुकमान आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे काम किए…

सूरा आयत 8/34 — लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: लुकमान सुनें, लुकमान अनुवाद, लुकमान mp3, लुकमान pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए