अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَلَّىٰ – मुँह फेर लिया, पीठ दिखा दी
- مُسْتَكْبِرًا – घमंड और अहंकार के साथ
- وَقْرًا – कानों में भारीपन या बहरापन (जिससे सुनने की शक्ति ख़त्म हो जाए)
- فَبَشِّرْهُ – उसे ख़ुशख़बरी सुना दो (यहाँ व्यंग्य के तौर पर)
- عَذَابٍ أَلِيمٍ – दर्दनाक और तकलीफ़देह अज़ाब
तफ़सीर:
जब ऐसे लोगों के सामने हमारी आयतें पढ़ी जाती हैं—जिनमें तौहीद का पैग़ाम, आख़िरत की याद दिलाना और नेकी की तरफ़ बुलाना होता है—तो वे उन्हें सुनने से इनकार कर देते हैं। वे घमंड और अहंकार के साथ मुँह फेर लेते हैं, जैसे उन्होंने सुना ही नहीं। उनका ये अंदाज़ ऐसा होता है मानो उनके कानों में बहरापन हो और वे सुन ही नहीं पा रहे हों। वे न तो आयतों पर ग़ौर करते हैं, न उनसे कोई सबक़ लेते हैं, बल्कि अहंकार की वजह से सच्चाई को क़बूल करने से कतराते हैं।
अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि ऐ नबी! ऐसे लोगों को उस दर्दनाक अज़ाब की "ख़ुशख़बरी" सुना दो—यानी उन्हें बता दो कि उनके इस रवैये का अंजाम जहन्नुम का भयंकर अज़ाब है। यहाँ "बशारत" (ख़ुशख़बरी) का लफ़्ज़ व्यंग्य के तौर पर इस्तेमाल हुआ है, क्योंकि असल में ये कोई ख़ुशख़बरी नहीं बल्कि सख़्त से सख़्त सज़ा की चेतावनी है।
ये आयत हमें बताती है कि क़ुरआन की आयतों से मुँह मोड़ना और उन्हें सुनने से इनकार करना कितना बड़ा गुनाह है। इंसान चाहे जितना भी इल्म हासिल कर ले, अगर वो अहंकार की वजह से हक़ को क़बूल नहीं करता, तो उसका इल्म उसे किसी काम नहीं आएगा। अल्लाह का कलाम ऐसी नेमत है जो दिलों को ज़िंदगी देता है, और जो इसे सुनकर भी अनसुना कर दे, वो अपने ही नुक़्सान का सामान करता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि जब भी क़ुरआन की आयतें सुनें, तो पूरे तवज्जो से सुनें, उस पर ग़ौर करें और उस पर अमल करें। क़ुरआन हमारे लिए रहनुमा है, हमारी ज़िंदगी की हर मुश्किल का हल उसी में मौजूद है। जो लोग उससे मुँह मोड़ते हैं, वे दुनिया में भी भटके रहते हैं और आख़िरत में भी उनका अंजाम बुरा होगा। अल्लाह हम सबको क़ुरआन को सुनने, समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 5-9 — लुकमान
अनुवाद — लुकमान 7
सूरा लुकमान आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब उसके सामने हमारी आयतें पढ़ी जाती हैं तो…सूरा आयत 7/34 — लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: लुकमान सुनें, लुकमान अनुवाद, लुकमान mp3, लुकमान pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








