अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- यस्रिब (يَثْرِبَ): मदीना का प्राचीन नाम।
- لا مُقَامَ: ठहरने की कोई जगह नहीं, यानी यहाँ टिकना बेकार है।
- عَوْرَةٌ: खुली हुई, असुरक्षित, जिस पर दुश्मन का खतरा हो।
- فِرَارًا: युद्ध से भागना।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! उस समय को याद करो जब मुनाफ़िक़ों (कपटियों) के एक गिरोह ने मदीना के मोमिनों को पुकार कर कहा: "ऐ यस्रिब वालो! यहाँ (खंदक के मैदान में) तुम्हारे लिए ठहरने की कोई जगह नहीं है, इसलिए वापस अपने घरों की ओर लौट जाओ।" वे लोगों को युद्ध से हतोत्साहित करना चाहते थे और उनके दिलों में डर पैदा करना चाहते थे।
इसी तरह, उन्हीं मुनाफ़िक़ों में से एक और गिरोह (बनू सलमा और बनू हारिसा) नबी ﷺ के पास आकर युद्ध से वापस जाने की इजाज़त माँगता था। वे बहाना बनाते थे कि "हमारे घर खुले और असुरक्षित हैं, हमें डर है कि दुश्मन उन पर हमला न कर दे।" लेकिन अल्लाह ने उनके इस बहाने को झूठा करार दिया — उनके घर बिल्कुल सुरक्षित थे, न तो वे खुले थे और न ही उन पर कोई खतरा था। असल में वे केवल युद्ध से भागना चाहते थे, और यह उनका मात्र एक झूठा बहाना था।
दावती पहलू (शिक्षाप्रद संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि मुसीबत और जिहाद के समय सच्चे मोमिन की पहचान यह है कि वह डटा रहता है, जबकि मुनाफ़िक़ हमेशा भागने के बहाने ढूँढता है। अल्लाह हर दिल का हाल जानता है — चाहे हम कितने भी अच्छे बहाने बना लें, अल्लाह की नज़र में हमारी नीयत साफ़ है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, सच्चे दिल से अल्लाह पर भरोसा रखें और उसके दीन की खातिर किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार रहें। याद रखिए, अल्लाह उन्हीं को प्यार करता है जो सच्चे और साबित क़दम हों। जो लोग दुनिया के डर से भागते हैं, वे अल्लाह के अज़ाब से नहीं भाग सकते — सच्ची कामयाबी अल्लाह की राह में सब्र और इस्तिक़ामत (स्थिरता) में है।
📜 आयत 11-15 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 13
सूरा अल-अहज़ाब आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अब उनमें का एक गिरोह कहने लगा था कि…सूरा आयत 13/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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