अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَقْطَارِهَا: उसके किनारों, चारों ओर से।
- الْفِتْنَةَ: यहाँ अर्थ है कुफ्र (अविश्वास) और शिर्क की ओर लौटना।
- لَآتَوْهَا: वे उसे (फित्ने को) दे देते, यानी उसकी माँग पूरी कर देते।
- تَلَبَّثُوا: देर करते, रुकते।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उन मुनाफ़िक़ीन (दिखावटी मुसलमानों) के बारे में है, जिन्होंने अहज़ाब (सहयोगी सेनाओं) के हमले के दौरान कमज़ोरी दिखाई थी। अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि अगर दुश्मन की फ़ौजें मदीना के चारों ओर से घुस आतीं, और फिर उन मुनाफ़िक़ीन से कहा जाता कि वे इस्लाम छोड़कर कुफ्र और शिर्क की तरफ लौट जाएँ, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के ऐसा कर देते। वे इस फित्ने (कुफ्र की ओर लौटने) में बिल्कुल देर न करते, बल्कि तुरंत उसे क़बूल कर लेते। यह उनके दिलों की सच्ची हालत बयान कर रही है — कि उनका ईमान सिर्फ़ ज़ुबानी था, दिल से वे कुफ्र से चिपके हुए थे।
यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान सिर्फ़ ज़ुबान का दावा नहीं, बल्कि दिल का यक़ीन और अमल का सबूत है। जब मुश्किलें आती हैं, तो सच्चे और झूठे ईमान का इम्तिहान होता है। अल्लाह तआला हमें उन लोगों की तरह न बनाए जो आसान वक़्त में मुसलमान बनते हैं और मुश्किल वक़्त में अपने ईमान को बेच देते हैं। हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, अल्लाह और उसके रसूल ﷺ पर पक्का भरोसा रखें, और हर हालत में साबित-क़दम रहें। याद रखें, दुनिया की कोई ताक़त हमें अल्लाह की राह से नहीं हटा सकती, अगर हमारा दिल सच्चे ईमान से भरा हो। अल्लाह तआला हमें सच्चे ईमान, स्थिरता और उसकी राह पर क़ुर्बानी देने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 12-16 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 14
सूरा अल-अहज़ाब आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर ऐसा ही लश्कर उन लोगों पर मदीने के…सूरा आयत 14/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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