अस-साफ्फात · 2/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
فَالزَّاجِرَاتِ زَجْرًا ۝٢
Fazzaajiraati zajraa
📖 हिंदी अर्थ
फिर (बदों को बुराई से) झिड़क कर डाँटने वाले की (क़सम)

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الزَّاجِرَاتِ: हाँकने वाली (यानी बादलों को हाँकने वाली)।
  • زَجْرًا: हाँकना, रोकना, या भगाना (यहाँ मतलब बादलों को इधर-उधर ले जाना)।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में अपने फ़रिश्तों की क़सम खाई है जो बादलों को हाँकते हैं। ये फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से बादलों को इकट्ठा करते हैं, उन्हें जहाँ अल्लाह चाहता है ले जाते हैं, और उनसे पानी बरसाते हैं। यह क़सम इसलिए खाई गई है ताकि लोगों को यक़ीन हो कि जिस अल्लाह ने ये फ़रिश्ते बनाए और उन्हें यह काम सौंपा, वही अकेला पूजा के लायक़ है।

यह आयत हमें सिखाती है कि जिस तरह फ़रिश्ते बादलों को हाँककर उन्हें ज़मीन की प्यास बुझाने के लिए पानी बरसाते हैं, उसी तरह अल्लाह अपनी रहमत से हमारी ज़रूरतें पूरी करता है। जब हम बारिश के बादलों को देखें, तो याद करें कि यह अल्लाह की क़ुदरत है और उसी की तरफ़ से यह रहमत आती है।

इस आयत में अल्लाह ने जिन चीज़ों की क़सम खाई है, उनसे हमें सबक़ लेना चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों को मानें, उसकी इबादत करें और उसके सिवा किसी और से मदद न माँगें। फ़रिश्ते जो बादलों को हाँकते हैं, वे अल्लाह के फ़रमाँबरदार हैं, और हमें भी उन्हीं की तरह अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुकाना चाहिए।

यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की तरफ़ से हर चीज़ में भलाई है — बादलों में पानी है, पानी में ज़िंदगी है, और ज़िंदगी में अल्लाह की याद है। जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, उनके लिए हर मुश्किल में राहत होती है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने दिलों को अल्लाह की याद से जोड़ें, उसकी नेमतों का शुक्र अदा करें, और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ।

अल्लाह की क़समें हमें उसकी अज़मत और क़ुदरत की याद दिलाती हैं। हमें उसकी इबादत में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए, क्योंकि वही हमारा रब है, वही हमारा मालिक है, और वही हमारी हर ज़रूरत को पूरा करने वाला है।



📜 आयत 1-4 — सूरा अस-साफ्फात

1وَالصَّافَّاتِ صَفًّا
(इबादत या जिहाद में) पर बाँधने वालों की (क़सम)
2فَالزَّاجِرَاتِ زَجْرًا
फिर (बदों को बुराई से) झिड़क कर डाँटने वाले की (क़सम)
3فَالتَّالِيَاتِ ذِكْرًا
फिर कुरान पढ़ने वालों की क़सम है
4إِنَّ إِلَٰهَكُمْ لَوَاحِدٌ
तुम्हारा माबूद (यक़ीनी) एक ही है
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
2आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 2

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Monday, September 28, 2026

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