अस-साफ्फात · 1/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
وَالصَّافَّاتِ صَفًّا ۝١
Wassaaaffaati saffaa
📖 हिंदी अर्थ
(इबादत या जिहाद में) पर बाँधने वालों की (क़सम)

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَالصَّافَّاتِ: (शपथ है) पंक्तिबद्ध होने वाली (अर्थात् फ़रिश्ते)।
  • صَفًّا: पंक्ति दर पंक्ति, बराबर और व्यवस्थित रूप से।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में अपने पवित्र फ़रिश्तों की शपथ ली है, जो उसकी इबादत में पंक्तियाँ बाँधकर खड़े होते हैं। ये फ़रिश्ते इस प्रकार व्यवस्थित और अनुशासित होकर इबादत करते हैं जैसे नमाज़ में मुसलमानों की पंक्तियाँ होती हैं—कंधे से कंधा मिलाकर, बराबर और मुस्तक़िल। यह शपथ अल्लाह की ओर से उसकी महानता और उसके फ़रिश्तों की पवित्रता की गवाही है। अल्लाह जिस चीज़ की क़सम खाता है, वह उसकी दृष्टि में अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित होती है। फ़रिश्तों का यह पंक्तिबद्ध खड़ा होना उनके पूर्ण समर्पण, आज्ञाकारिता और अल्लाह के प्रति उनके अटूट प्रेम को दर्शाता है। यह हम इंसानों के लिए एक शिक्षा है कि जिस प्रकार फ़रिश्ते अल्लाह की इबादत में अनुशासन और व्यवस्था का पालन करते हैं, हमें भी अपनी नमाज़ों और इबादतों में उसी प्रकार का अनुशासन, एकाग्रता और समर्पण अपनाना चाहिए। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की इबादत में एकता और संगठन कितना महत्वपूर्ण है—जैसे फ़रिश्ते एक साथ मिलकर पंक्तियों में खड़े होते हैं, वैसे ही मुसलमानों को भी अपने धार्मिक और सामाजिक जीवन में एकजुट रहना चाहिए। यह शपथ हमारे दिलों में अल्लाह की अज़मत का एहसास पैदा करती है और हमें उसकी ओर लौटने की प्रेरणा देती है। जब अल्लाह स्वयं अपने फ़रिश्तों की गवाही देता है, तो हमें चाहिए कि हम उसकी इबादत को और अधिक गंभीरता और ख़ुशू-ख़ुज़ू के साथ अदा करें, क्योंकि यही हमारी सफलता का मार्ग है।



📜 आयत 1-3 — सूरा अस-साफ्फात

1وَالصَّافَّاتِ صَفًّا
(इबादत या जिहाद में) पर बाँधने वालों की (क़सम)
2فَالزَّاجِرَاتِ زَجْرًا
फिर (बदों को बुराई से) झिड़क कर डाँटने वाले की (क़सम)
3فَالتَّالِيَاتِ ذِكْرًا
फिर कुरान पढ़ने वालों की क़सम है
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
1आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 1

सूरा अस-साफ्फात आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (इबादत या जिहाद में) पर बाँधने वालों की (क़सम)

सूरा आयत 1/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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