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182 आयत मक्की PDF
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सूरा अस-साफ्फात pdf — डाउनलोड (हिन्दी)

सूरा अस-साफ्फात pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अस-साफ्फात अनुवाद. सूरा अस-साफ्फात (मक्की) 182 आयत.

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182 आयत · मक्की · हिन्दी
bismillah
ﭑﭒﭓ
37:1 (इबादत या जिहाद में) पर बाँधने वालों की (क़सम)
ﭔﭕﭖ
37:2 फिर (बदों को बुराई से) झिड़क कर डाँटने वाले की (क़सम)
ﭗﭘﭙ
37:3 फिर कुरान पढ़ने वालों की क़सम है
ﭚﭛﭜﭝ
37:4 तुम्हारा माबूद (यक़ीनी) एक ही है
ﭞﭟﭠﭡﭢﭣﭤﭥ
37:5 जो सारे आसमान ज़मीन का और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है (सबका) परवरदिगार है
ﭦﭧﭨﭩﭪﭫﭬ
37:6 और (चाँद सूरज तारे के) तुलूउ व (गुरूब) के मक़ामात का भी मालिक है हम ही ने नीचे वाले आसमान को तारों की आरइश (जगमगाहट) से आरास्ता किया
ﭭﭮﭯﭰﭱﭲ
37:7 और (तारों को) हर सरकश शैतान से हिफ़ाज़त के वास्ते (भी पैदा किया)
ﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹﭺﭻﭼ
37:8 कि अब शैतान आलमे बाला की तरफ़ कान भी नहीं लगा सकते और (जहाँ सुन गुन लेना चाहा तो) हर तरफ़ से खदेड़ने के लिए शहाब फेके जाते हैं
ﭽﭾﭿﮀﮁﮂ
37:9 और उनके लिए पाएदार अज़ाब है
ﮃﮄﮅﮆﮇﮈﮉﮊ
37:10 मगर जो (शैतान शाज़ व नादिर फरिश्तों की) कोई बात उचक ले भागता है तो आग का दहकता हुआ तीर उसका पीछा करता है
ﮋﮌﮍﮎﮏﮐﮑﮒﮓﮔﮕﮖﮗﮘ
37:11 तो (ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो तो कि उनका पैदा करना ज्यादा दुश्वार है या उन (मज़कूरा) चीज़ों का जिनको हमने पैदा किया हमने तो उन लोगों को लसदार मिट्टी से पैदा किया
ﮙﮚﮛﮜ
37:12 बल्कि तुम (उन कुफ्फ़ार के इन्कार पर) ताज्जुब करते हो और वह लोग (तुमसे) मसख़रापन करते हैं
ﮝﮞﮟﮠﮡ
37:13 और जब उन्हें समझाया जाता है तो समझते नहीं हैं
ﮢﮣﮤﮥﮦ
37:14 और जब किसी मौजिजे क़ो देखते हैं तो (उससे) मसख़रापन करते हैं
ﮧﮨﮩﮪﮫﮬﮭ
37:15 और कहते हैं कि ये तो बस खुला हुआ जादू है
ﮮﮯﮰﮱﯓﯔﯕﯖ
37:16 भला जब हम मर जाएँगे और ख़ाक और हड्डियाँ रह जाएँगे
ﯗﯘﯙ
37:17 तो क्या हम या हमारे अगले बाप दादा फिर दोबारा क़ब्रों से उठा खड़े किए जाँएगे
ﯚﯛﯜﯝﯞ
37:18 (ऐ रसूल) तुम कह दो कि हाँ (ज़रूर उठाए जाओगे)
ﯟﯠﯡﯢﯣﯤﯥﯦ
37:19 और तुम ज़लील होगे और वह (क़यामत) तो एक ललकार होगी फिर तो वह लोग फ़ौरन ही (ऑंखे फाड़-फाड़ के) देखने लगेंगे
ﯧﯨﯩﯪﯫﯬ
37:20 और कहेंगे हाए अफसोस ये तो क़यामत का दिन है
ﯭﯮﯯﯰﯱﯲﯳﯴ
37:21 (जवाब आएगा) ये वही फैसले का दिन है जिसको तुम लोग (दुनिया में) झूठ समझते थे
ﯵﯶﯷﯸﯹﯺﯻﯼﯽ
37:22 (और फ़रिश्तों को हुक्म होगा कि) जो लोग (दुनिया में) सरकशी करते थे उनको और उनके साथियों को और खुदा को छोड़कर जिनकी परसतिश करते हैं
ﯾﯿﰀﰁﰂﰃﰄﰅ
37:23 उनको (सबको) इकट्ठा करो फिर उन्हें जहन्नुम की राह दिखाओ
ﰆﰇﰈﰉﰊ
37:24 और (हाँ ज़रा) उन्हें ठहराओ तो उनसे कुछ पूछना है
ﭑﭒﭓﭔﭕ
37:25 (अरे कमबख्तों) अब तुम्हें क्या होगा कि एक दूसरे की मदद नहीं करते
ﭖﭗﭘﭙﭚ
37:26 (जवाब क्या देंगे) बल्कि वह तो आज गर्दन झुकाए हुए हैं
ﭛﭜﭝﭞﭟﭠ
37:27 और एक दूसरे की तरफ मुतावज्जे होकर बाहम पूछताछ करेंगे
ﭡﭢﭣﭤﭥﭦﭧ
37:28 (और इन्सान शयातीन से) कहेंगे कि तुम ही तो हमारी दाहिनी तरफ से (हमें बहकाने को) चढ़ आते थे
ﭨﭩﭪﭫﭬﭭ
37:29 वह जवाब देगें (हम क्या जानें) तुम तो खुद ईमान लाने वाले न थे
ﭮﭯﭰﭱﭲﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹ
37:30 और (साफ़ तो ये है कि) हमारी तुम पर कुछ हुकूमत तो थी नहीं बल्कि तुम खुद सरकश लोग थे
ﭺﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁ
37:31 फिर अब तो लोगों पर हमारे परवरदिगार का (अज़ाब का) क़ौल पूरा हो गया कि अब हम सब यक़ीनन अज़ाब का मज़ा चखेंगे
ﮂﮃﮄﮅﮆ
37:32 हम खुद गुमराह थे तो तुम को भी गुमराह किया
ﮇﮈﮉﮊﮋﮌ
37:33 ग़रज़ ये लोग सब के सब उस दिन अज़ाब में शरीक होगें
ﮍﮎﮏﮐﮑ
37:34 और हम तो गुनाहगारों के साथ यूँ ही किया करते हैं ये लोग ऐसे (शरीर) थे
ﮒﮓﮔﮕﮖﮗﮘﮙﮚﮛﮜ
37:35 कि जब उनसे कहा जाता था कि खुदा के सिवा कोई माबूद नहीं तो अकड़ा करते थे
ﮝﮞﮟﮠﮡﮢﮣ
37:36 और ये लोग कहते थे कि क्या एक पागल शायर के लिए हम अपने माबूदों को छोड़ बैठें (अरे कम्बख्तों ये शायर या पागल नहीं)
ﮤﮥﮦﮧﮨﮩ
37:37 बल्कि ये तो हक़ बात लेकर आया है और (अगले) पैग़म्बरों की तसदीक़ करता है
ﮪﮫﮬﮭﮮ
37:38 तुम लोग (अगर न मानोगे) तो ज़रूर दर्दनाक अज़ाब का मज़ा चखोगे
ﮯﮰﮱﯓﯔﯕﯖ
37:39 और तुम्हें तो उसके किये का बदला दिया जाएगा जो (जो दुनिया में) करते रहे
ﯗﯘﯙﯚﯛ
37:40 मगर खुदा के बरगुजीदा बन्दे
ﯜﯝﯞﯟﯠ
37:41 उनके वास्ते (बेहिश्त में) एक मुक़र्रर रोज़ी होगी
ﯡﯢﯣﯤ
37:42 (और वह भी ऐसी वैसी नहीं) हर क़िस्म के मेवे
ﯥﯦﯧﯨ
37:43 और वह लोग बड़ी इज्ज़त से नेअमत के (लदे हुए)
ﯩﯪﯫﯬ
37:44 बाग़ों में तख्तों पर (चैन से) आमने सामने बैठे होगे
ﯭﯮﯯﯰﯱﯲ
37:45 उनमें साफ सफेद बुर्राक़ शराब के जाम का दौर चल रहा होगा
ﯳﯴﯵﯶ
37:46 जो पीने वालों को बड़ा मज़ा देगी
ﯷﯸﯹﯺﯻﯼﯽﯾ
37:47 (और फिर) न उस शराब में ख़ुमार की वजह से) दर्द सर होगा और न वह उस (के पीने) से मतवाले होंगे
ﯿﰀﰁﰂﰃ
37:48 और उनके पहलू में (शर्म से) नीची निगाहें करने वाली बड़ी बड़ी ऑंखों वाली परियाँ होगी
ﰄﰅﰆﰇ
37:49 (उनकी) गोरी-गोरी रंगतों में हल्की सी सुर्ख़ी ऐसी झलकती होगी
ﰈﰉﰊﰋﰌﰍ
37:50 गोया वह अन्डे हैं जो छिपाए हुए रखे हो
ﰎﰏﰐﰑﰒﰓﰔﰕ
37:51 फिर एक दूसरे की तरफ मुतावज्जे पाकर बाहम बातचीत करते करते उनमें से एक कहने वाला बोल उठेगा कि (दुनिया में) मेरा एक दोस्त था
ﭑﭒﭓﭔﭕ
37:52 और (मुझसे) कहा करता था कि क्या तुम भी क़यामत की तसदीक़ करने वालों में हो
ﭖﭗﭘﭙﭚﭛﭜﭝ
37:53 (भला जब हम मर जाएँगे) और (सड़ गल कर) मिट्टी और हव्ी (होकर) रह जाएँगे तो क्या हमको दोबारा ज़िन्दा करके हमारे (आमाल का) बदला दिया जाएगा
ﭞﭟﭠﭡﭢ
37:54 (फिर अपने बेहश्त के साथियों से कहेगा)
ﭣﭤﭥﭦﭧﭨ
37:55 तो क्या तुम लोग भी (मेरे साथ उसे झांक कर देखोगे) ग़रज़ झाँका तो उसे बीच जहन्नुम में (पड़ा हुआ) देखा
ﭩﭪﭫﭬﭭﭮ
37:56 (ये देख कर बेसाख्ता) बोल उठेगा कि खुदा की क़सम तुम तो मुझे भी तबाह करने ही को थे
ﭯﭰﭱﭲﭳﭴﭵ
37:57 और अगर मेरे परवरदिगार का एहसान न होता तो मैं भी (इस वक्त) तेरी तरह जहन्नुम में गिरफ्तार किया गया होता
ﭶﭷﭸﭹ
37:58 (अब बताओ) क्या (मैं तुम से न कहता था) कि हम को इस पहली मौत के सिवा फिर मरना नहीं है
ﭺﭻﭼﭽﭾﭿﮀ
37:59 और न हम पर (आख़ेरत) में अज़ाब होगा
ﮁﮂﮃﮄﮅﮆ
37:60 (तो तुम्हें यक़ीन न होता था) ये यक़ीनी बहुत बड़ी कामयाबी है
ﮇﮈﮉﮊﮋ
37:61 ऐसी (ही कामयाबी) के वास्ते काम करने वालों को कारगुज़ारी करनी चाहिए
ﮌﮍﮎﮏﮐﮑﮒ
37:62 भला मेहमानी के वास्ते ये (सामान) बेहतर है या थोहड़ का दरख्त (जो जहन्नुमियों के वास्ते होगा)
ﮓﮔﮕﮖﮗ
37:63 जिसे हमने यक़ीनन ज़ालिमों की आज़माइश के लिए बनाया है
ﮘﮙﮚﮛﮜﮝﮞ
37:64 ये वह दरख्त हैं जो जहन्नुम की तह में उगता है
ﮟﮠﮡﮢﮣ
37:65 उसके फल ऐसे (बदनुमा) हैं गोया (हू बहू) साँप के फन जिसे छूते दिल डरे
ﮤﮥﮦﮧﮨﮩﮪ
37:66 फिर ये (जहन्नुमी लोग) यक़ीनन उसमें से खाएँगे फिर उसी से अपने पेट भरेंगे
ﮫﮬﮭﮮﮯﮰﮱﯓ
37:67 फिर उसके ऊपर से उन को खूब खौलता हुआ पानी (पीप वग़ैरह में) मिला मिलाकर पीने को दिया जाएगा
ﯔﯕﯖﯗﯘﯙ
37:68 फिर (खा पीकर) उनको जहन्नुम की तरफ यक़ीनन लौट जाना होगा
ﯚﯛﯜﯝﯞ
37:69 उन लोगों ने अपन बाप दादा को गुमराह पाया था
ﯟﯠﯡﯢﯣ
37:70 ये लोग भी उनके पीछे दौड़े चले जा रहे हैं
ﯤﯥﯦﯧﯨﯩ
37:71 और उनके क़ब्ल अगलों में से बहुतेरे गुमराह हो चुके
ﯪﯫﯬﯭﯮ
37:72 उन लोगों के डराने वाले (पैग़म्बरों) को भेजा था
ﯯﯰﯱﯲﯳﯴ
37:73 ज़रा देखो तो कि जो लोग डराए जा चुके थे उनका क्या बुरा अन्जाम हुआ
ﯵﯶﯷﯸﯹ
37:74 मगर (हाँ) खुदा के निरे खरे बन्दे (महफूज़ रहे)
ﯺﯻﯼﯽﯾﯿ
37:75 और नूह ने (अपनी कौम से मायूस होकर) हमें ज़रूर पुकारा था (देखो हम) क्या खूब जवाब देने वाले थे
ﰀﰁﰂﰃﰄﰅ
37:76 और हमने उनको और उनके लड़के वालों को बड़ी (सख्त) मुसीबत से नजात दी
ﭑﭒﭓﭔﭕ
37:77 और हमने (उनमें वह बरकत दी कि) उनकी औलाद को (दुनिया में) बरक़रार रखा
ﭖﭗﭘﭙﭚ
37:78 और बाद को आने वाले लोगों में उनका अच्छा चर्चा बाक़ी रखा
ﭛﭜﭝﭞﭟﭠ
37:79 कि सारी खुदायी में (हर तरफ से) नूह पर सलाम है
ﭡﭢﭣﭤﭥ
37:80 हम नेकी करने वालों को यूँ जज़ाए ख़ैर अता फरमाते हैं
ﭦﭧﭨﭩﭪ
37:81 इसमें शक नहीं कि नूह हमारे (ख़ास) ईमानदार बन्दों से थे
ﭫﭬﭭﭮ
37:82 फिर हमने बाक़ी लोगों को डुबो दिया
ﭯﭰﭱﭲﭳﭴ
37:83 और यक़ीनन उन्हीं के तरीक़ो पर चलने वालों में इबराहीम (भी) ज़रूर थे
ﭵﭶﭷﭸﭹﭺ
37:84 जब वह अपने परवरदिगार (कि इबादत) की तरफ (पहलू में) ऐसा दिल लिए हुए बढ़े जो (हर ऐब से पाक था
ﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁ
37:85 जब उन्होंने अपने (मुँह बोले) बाप और अपनी क़ौम से कहा कि तुम लोग किस चीज़ की परसतिश करते हो
ﮂﮃﮄﮅﮆﮇ
37:86 क्या खुदा को छोड़कर दिल से गढ़े हुए माबूदों की तमन्ना रखते हो
ﮈﮉﮊﮋﮌ
37:87 फिर सारी खुदाई के पालने वाले के साथ तुम्हारा क्या ख्याल है
ﮍﮎﮏﮐﮑ
37:88 फिर (एक ईद में उन लोगों ने चलने को कहा) तो इबराहीम ने सितारों की तरफ़ एक नज़र देखा
ﮒﮓﮔﮕ
37:89 और कहा कि मैं (अनक़रीब) बीमार पड़ने वाला हूँ
ﮖﮗﮘﮙ
37:90 तो वह लोग इबराहीम के पास से पीठ फेर फेर कर हट गए
ﮚﮛﮜﮝﮞﮟﮠ
37:91 (बस) फिर तो इबराहीम चुपके से उनके बुतों की तरफ मुतावज्जे हुए और (तान से) कहा तुम्हारे सामने इतने चढ़ाव रखते हैं
ﮡﮢﮣﮤﮥ
37:92 आख़िर तुम खाते क्यों नहीं (अरे तुम्हें क्या हो गया है)
ﮦﮧﮨﮩﮪ
37:93 कि तुम बोलते तक नहीं
ﮫﮬﮭﮮ
37:94 फिर तो इबराहीम दाहिने हाथ से मारते हुए उन पर पिल पड़े (और तोड़-फोड़ कर एक बड़े बुत के गले में कुल्हाड़ी डाल दी)
ﮯﮰﮱﯓﯔ
37:95 जब उन लोगों को ख़बर हुई तो इबराहीम के पास दौड़ते हुए पहुँचे
ﯕﯖﯗﯘﯙ
37:96 इबराहीम ने कहा (अफ़सोस) तुम लोग उसकी परसतिश करते हो जिसे तुम लोग खुद तराश कर बनाते हो
ﯚﯛﯜﯝﯞﯟﯠﯡ
37:97 हालाँकि तुमको और जिसको तुम लोग बनाते हो (सबको) खुदा ही ने पैदा किया है (ये सुनकर) वह लोग (आपस में कहने लगे) इसके लिए (भट्टी की सी) एक इमारत बनाओ
ﯢﯣﯤﯥﯦﯧ
37:98 और (उसमें आग सुलगा कर उसी दहकती हुई आग में इसको डाल दो) फिर उन लोगों ने इबराहीम के साथ मक्कारी करनी चाही
ﯨﯩﯪﯫﯬﯭﯮ
37:99 तो हमने (आग सर्द गुलज़ार करके) उन्हें नीचा दिखाया और जब (आज़र ने) इबराहीम को निकाल दिया तो बोले मैं अपने परवरदिगार की तरफ जाता हूँ
ﯯﯰﯱﯲﯳﯴ
37:100 वह अनक़रीब ही मुझे रूबरा कर देगा (फिर ग़रज की) परवरदिगार मुझे एक नेको कार (फरज़न्द) इनायत फरमा
ﯵﯶﯷﯸ
37:101 तो हमने उनको एक बड़े नरम दिले लड़के (के पैदा होने की) खुशख़बरी दी
ﯹﯺﯻﯼﯽﯾﯿﰀﰁﰂﰃﰄﰅﰆﰇﰈﰉﰊﰋﰌﰍﰎﰏﰐﰑﰒﰓﰔﰕ
37:102 फिर जब इस्माईल अपने बाप के साथ दौड़ धूप करने लगा तो (एक दफा) इबराहीम ने कहा बेटा खूब मैं (वही के ज़रिये क्या) देखता हूँ कि मैं तो खुद तुम्हें ज़िबाह कर रहा हूँ तो तुम भी ग़ौर करो तुम्हारी इसमें क्या राय है इसमाईल ने कहा अब्बा जान जो आपको हुक्म हुआ है उसको (बे तअम्मुल) कीजिए अगर खुदा ने चाहा तो मुझे आप सब्र करने वालों में से पाएगे
ﭑﭒﭓﭔﭕ
37:103 फिर जब दोनों ने ये ठान ली और बाप ने बेटे को (ज़िबाह करने के लिए) माथे के बल लिटाया
ﭖﭗﭘﭙ
37:104 और हमने (आमादा देखकर) आवाज़ दी ऐ इबराहीम
ﭚﭛﭜﭝﭞﭟﭠﭡﭢ
37:105 तुमने अपने ख्वाब को सच कर दिखाया अब तुम दोनों को बड़े मरतबे मिलेगें हम नेकी करने वालों को यूँ जज़ाए ख़ैर देते हैं
ﭣﭤﭥﭦﭧﭨ
37:106 इसमें शक नहीं कि ये यक़ीनी बड़ा सख्त और सरीही इम्तिहान था
ﭩﭪﭫﭬ
37:107 और हमने इस्माईल का फ़िदया एक ज़िबाहे अज़ीम (बड़ी कुर्बानी) क़रार दिया
ﭭﭮﭯﭰﭱ
37:108 और हमने उनका अच्छा चर्चा बाद को आने वालों में बाक़ी रखा है
ﭲﭳﭴﭵ
37:109 कि (सारी खुदायी में) इबराहीम पर सलाम (ही सलाम) हैं
ﭶﭷﭸﭹ
37:110 हम यूँ नेकी करने वालों को जज़ाए ख़ैर देते हैं
ﭺﭻﭼﭽﭾ
37:111 बेशक इबराहीम हमारे (ख़ास) ईमानदार बन्दों में थे
ﭿﮀﮁﮂﮃﮄ
37:112 और हमने इबराहीम को इसहाक़ (के पैदा होने की) खुशख़बरी दी थी
ﮅﮆﮇﮈﮉﮊﮋﮌﮍﮎﮏﮐ
37:113 जो एक नेकोसार नबी थे और हमने खुद इबराहीम पर और इसहाक़ पर अपनी बरकत नाज़िल की और इन दोनों की नस्ल में बाज़ तो नेकोकार और बाज़ (नाफरमानी करके) अपनी जान पर सरीही सितम ढ़ाने वाला
ﮑﮒﮓﮔﮕﮖ
37:114 और हमने मूसा और हारून पर बहुत से एहसानात किए हैं
ﮗﮘﮙﮚﮛﮜ
37:115 और खुद दोनों को और इनकी क़ौम को बड़ी (सख्त) मुसीबत से नजात दी
ﮝﮞﮟﮠﮡ
37:116 और (फिरऔन के मुक़ाबले में) हमने उनकी मदद की तो (आख़िर) यही लोग ग़ालिब रहे
ﮢﮣﮤﮥ
37:117 और हमने उन दोनों को एक वाज़ेए उलम तालिब किताब (तौरेत) अता की
ﮦﮧﮨﮩ
37:118 और दोनों को सीधी राह की हिदायत फ़रमाई
ﮪﮫﮬﮭﮮ
37:119 और बाद को आने वालों में उनका ज़िक्रे ख़ैर बाक़ी रखा
ﮯﮰﮱﯓﯔ
37:120 कि (हर जगह) मूसा और हारून पर सलाम (ही सलाम) है
ﯕﯖﯗﯘﯙ
37:121 हम नेकी करने वालों को यूँ जज़ाए ख़ैर अता फरमाते हैं
ﯚﯛﯜﯝﯞ
37:122 बेशक ये दोनों हमारे (ख़ालिस ईमानदार बन्दों में से थे)
ﯟﯠﯡﯢﯣ
37:123 और इसमें शक नहीं कि इलियास यक़ीनन पैग़म्बरों में से थे
ﯤﯥﯦﯧﯨﯩ
37:124 जब उन्होंने अपनी क़ौम से कहा कि तुम लोग (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते
ﯪﯫﯬﯭﯮﯯ
37:125 क्या तुम लोग बाल (बुत) की परसतिश करते हो और खुदा को छोड़े बैठे हो जो सबसे बेहतर पैदा करने वाला है
ﯰﯱﯲﯳﯴﯵ
37:126 और (जो) तुम्हारा परवरदिगार और तुम्हारे अगले बाप दादाओं का (भी) परवरदिगार है
ﭑﭒﭓﭔ
37:127 तो उसे लोगों ने झुठला दिया तो ये लोग यक़ीनन (जहन्नुम) में गिरफ्तार किए जाएँगे
ﭕﭖﭗﭘﭙ
37:128 मगर खुदा के निरे खरे बन्दे महफूज़ रहेंगे
ﭚﭛﭜﭝﭞ
37:129 और हमने उनका ज़िक्र ख़ैर बाद को आने वालों में बाक़ी रखा
ﭟﭠﭡﭢﭣ
37:130 कि (हर तरफ से) आले यासीन पर सलाम (ही सलाम) है
ﭤﭥﭦﭧﭨ
37:131 हम यक़ीनन नेकी करने वालों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं
ﭩﭪﭫﭬﭭ
37:132 बेशक वह हमारे (ख़ालिस) ईमानदार बन्दों में थे
ﭮﭯﭰﭱﭲ
37:133 और इसमें भी शक नहीं कि लूत यक़ीनी पैग़म्बरों में से थे
ﭳﭴﭵﭶﭷ
37:134 जब हमने उनको और उनके लड़के वालों सब को नजात दी
ﭸﭹﭺﭻﭼ
37:135 मगर एक (उनकी) बूढ़ी बीबी जो पीछे रह जाने वालों ही में थीं
ﭽﭾﭿﮀ
37:136 फिर हमने बाक़ी लोगों को तबाह व बर्बाद कर दिया
ﮁﮂﮃﮄﮅ
37:137 और ऐ अहले मक्का तुम लोग भी उन पर से (कभी) सुबह को और (कभी) शाम को (आते जाते गुज़रते हो)
ﮆﮇﮈﮉﮊ
37:138 तो क्या तुम (इतना भी) नहीं समझते
ﮋﮌﮍﮎﮏ
37:139 और इसमें शक नहीं कि यूनुस (भी) पैग़म्बरों में से थे
ﮐﮑﮒﮓﮔﮕ
37:140 (वह वक्त याद करो) जब यूनुस भाग कर एक भरी हुई कश्ती के पास पहुँचे
ﮖﮗﮘﮙﮚ
37:141 तो (अहले कश्ती ने) कुरआ डाला तो (उनका ही नाम निकला) यूनुस ने ज़क उठायी (और दरिया में गिर पड़े)
ﮛﮜﮝﮞﮟ
37:142 तो उनको एक मछली निगल गयी और यूनुस खुद (अपनी) मलामत कर रहे थे
ﮠﮡﮢﮣﮤﮥ
37:143 फिर अगर यूनुस (खुदा की) तसबीह (व ज़िक्र) न करते
ﮦﮧﮨﮩﮪﮫﮬ
37:144 तो रोज़े क़यामत तक मछली के पेट में रहते
ﮭﮮﮯﮰﮱﯓ
37:145 फिर हमने उनको (मछली के पेट से निकाल कर) एक खुले मैदान में डाल दिया
ﯔﯕﯖﯗﯘﯙ
37:146 और (वह थोड़ी देर में) बीमार निढाल हो गए थे और हमने उन पर साये के लिए एक कद्दू का दरख्त उगा दिया
ﯚﯛﯜﯝﯞﯟﯠ
37:147 और (इसके बाद) हमने एक लाख बल्कि (एक हिसाब से) ज्यादा आदमियों की तरफ (पैग़म्बर बना कर भेजा)
ﯡﯢﯣﯤﯥ
37:148 तो वह लोग (उन पर) ईमान लाए फिर हमने (भी) एक ख़ास वक्त तक उनको चैन से रखा
ﯦﯧﯨﯩﯪﯫ
37:149 तो (ऐ रसूल) उन कुफ्फ़ार से पूछो कि क्या तुम्हारे परवरदिगार के लिए बेटियाँ हैं और उनके लिए बेटे
ﯬﯭﯮﯯﯰﯱﯲ
37:150 (क्या वाक़ई) हमने फरिश्तों की औरतें बनाया है और ये लोग (उस वक्त) मौजूद थे
ﯳﯴﯵﯶﯷﯸ
37:151 ख़बरदार (याद रखो कि) ये लोग यक़ीनन अपने दिल से गढ़-गढ़ के कहते हैं कि खुदा औलाद वाला है
ﯹﯺﯻﯼﯽ
37:152 और ये लोग यक़ीनी झूठे हैं
ﯾﯿﰀﰁﰂ
37:153 क्या खुदा ने (अपने लिए) बेटियों को बेटों पर तरजीह दी है
ﭑﭒﭓﭔﭕ
37:154 (अरे कम्बख्तों) तुम्हें क्या जुनून हो गया है तुम लोग (बैठे-बैठे) कैसा फैसला करते हो
ﭖﭗﭘ
37:155 तो क्या तुम (इतना भी) ग़ौर नहीं करते
ﭙﭚﭛﭜﭝ
37:156 या तुम्हारे पास (इसकी) कोई वाज़ेए व रौशन दलील है
ﭞﭟﭠﭡﭢﭣ
37:157 तो अगर तुम (अपने दावे में) सच्चे हो तो अपनी किताब पेश करो
ﭤﭥﭦﭧﭨﭩﭪﭫﭬﭭﭮﭯ
37:158 और उन लोगों ने खुदा और जिन्नात के दरमियान रिश्ता नाता मुक़र्रर किया है हालाँकि जिन्नात बखूबी जानते हैं कि वह लोग यक़ीनी (क़यामत में बन्दों की तरह) हाज़िर किए जाएँगे
ﭰﭱﭲﭳﭴ
37:159 ये लोग जो बातें बनाया करते हैं इनसे खुदा पाक साफ़ है
ﭵﭶﭷﭸﭹ
37:160 मगर खुदा के निरे खरे बन्दे (ऐसा नहीं कहते)
ﭺﭻﭼﭽ
37:161 ग़रज़ तुम लोग खुद और तुम्हारे माबूद
ﭾﭿﮀﮁﮂ
37:162 उसके ख़िलाफ (किसी को) बहका नहीं सकते
ﮃﮄﮅﮆﮇﮈ
37:163 मगर उसको जो जहन्नुम में झोंका जाने वाला है
ﮉﮊﮋﮌﮍﮎﮏ
37:164 और फरिश्ते या आइम्मा तो ये कहते हैं कि मैं हर एक का एक दरजा मुक़र्रर है
ﮐﮑﮒﮓ
37:165 और हम तो यक़ीनन (उसकी इबादत के लिए) सफ बाँधे खड़े रहते हैं
ﮔﮕﮖﮗ
37:166 और हम तो यक़ीनी (उसकी) तस्बीह पढ़ा करते हैं
ﮘﮙﮚﮛ
37:167 अगरचे ये कुफ्फार (इस्लाम के क़ब्ल) कहा करते थे
ﮜﮝﮞﮟﮠﮡﮢ
37:168 कि अगर हमारे पास भी अगले लोगों का तज़किरा (किसी किताबे खुदा में) होता
ﮣﮤﮥﮦﮧ
37:169 तो हम भी खुदा के निरे खरे बन्दे ज़रूर हो जाते
ﮨﮩﮪﮫﮬﮭ
37:170 (मगर जब किताब आयी) तो उन लोगों ने उससे इन्कार किया ख़ैर अनक़रीब (उसका नतीजा) उन्हें मालूम हो जाएगा
ﮮﮯﮰﮱﯓﯔ
37:171 और अपने ख़ास बन्दों पैग़म्बरों से हमारी बात पक्की हो चुकी है
ﯕﯖﯗﯘ
37:172 कि इन लोगों की (हमारी बारगाह से) यक़ीनी मदद की जाएगी
ﯙﯚﯛﯜﯝ
37:173 और हमारा लश्कर तो यक़ीनन ग़ालिब रहेगा
ﯞﯟﯠﯡﯢ
37:174 तो (ऐ रसूल) तुम उनसे एक ख़ास वक्त तक मुँह फेरे रहो
ﯣﯤﯥﯦ
37:175 और इनको देखते रहो तो ये लोग अनक़रीब ही (अपना नतीजा) देख लेगे
ﯧﯨﯩ
37:176 तो क्या ये लोग हमारे अज़ाब की जल्दी कर रहे हैं
ﯪﯫﯬﯭﯮﯯﯰ
37:177 फिर जब (अज़ाब) उनकी अंगनाई में उतर पडेग़ा तो जो लोग डराए जा चुके हैं उनकी भी क्या बुरी सुबह होगी
ﯱﯲﯳﯴﯵ
37:178 और उन लोगों से एक ख़ास वक्त तक मुँह फेरे रहो
ﯶﯷﯸﯹ
37:179 और देखते रहो ये लोग तो खुद अनक़रीब ही अपना अन्जाम देख लेगें
ﯺﯻﯼﯽﯾﯿﰀ
37:180 ये लोग जो बातें (खुदा के बारे में) बनाया करते हैं उनसे तुम्हारा परवरदिगार इज्ज़त का मालिक पाक साफ है
ﰁﰂﰃﰄ
37:181 और पैग़म्बरों पर (दुरूद) सलाम हो
ﰅﰆﰇﰈﰉ
37:182 और कुल तारीफ खुदा ही के लिए सज़ावार हैं जो सारे जहाँन का पालने वाला है

पवित्र क़ुरआन


Wednesday, September 9, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए