अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خُذُوا حِذْرَكُمْ: अपनी सुरक्षा का ध्यान रखो, सावधानी और सतर्कता अपनाओ।
- فَانفِرُوا: निकल पड़ो, जिहाद के लिए तैयार होकर बाहर जाओ।
- ثُبَاتٍ: गिरोहों और टुकड़ियों में, यानी अलग-अलग समूहों में।
- جَمِيعًا: एक साथ, सब मिलकर।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालो! अपने दुश्मनों से सतर्क रहो और उनका मुकाबला करने के लिए हर संभव तैयारी रखो। यानी अपनी शक्ति, हथियार, रणनीति और सुरक्षा के सभी ज़रूरी साधन जुटाओ, ताकि दुश्मन को कभी भी तुम पर हावी होने का मौका न मिले। यह सिर्फ जंग के लिए नहीं, बल्कि हर मामले में होशियारी और एहतियात का पैगाम है।
फिर अल्लाह तआला फरमाता है कि जब जिहाद का वक़्त आए, तो दो तरीकों में से एक अपनाओ: या तो अलग-अलग गिरोहों और टुकड़ियों में निकलो, ताकि दुश्मन पर लगातार दबाव बना रहे और उनके इलाकों में खलल पड़ता रहे, या फिर सब मिलकर एक साथ निकलो, जब मौका ऐसा हो कि पूरी ताकत एक जगह लगाना ज़्यादा मुफीद हो। यानी हालात के हिसाब से रणनीति बनाओ — कभी छोटे-छोटे दस्ते भेजो, कभी पूरी फौज लेकर निकलो। यह सब दुश्मन को कमज़ोर करने और उसका नुकसान करने के लिए है।
इस आयत में अल्लाह तआला मोमिनों को सिखा रहा है कि ईमान सिर्फ ज़बान से नहीं, बल्कि अमल से होता है। जो लोग अल्लाह पर भरोसा रखते हैं, वे बेपरवाह नहीं होते, बल्कि अपनी ताकत और साज़ो-सामान में कमी नहीं छोड़ते। यही तक़वा और हिम्मत की निशानी है। अल्लाह को प्यारे वो बंदे हैं जो अपने दीन की हिफाज़त के लिए जान-ओ-माल से कुर्बानी देने को तैयार रहते हैं।
और याद रखो, यह सिर्फ जंग का हुक्म नहीं, बल्कि ज़िंदगी के हर पहलू में होशियारी की तालीम है। एक मोमिन को चाहिए कि वह अपने दुश्मनों की चालों से बेखबर न रहे, बल्कि हमेशा चौकन्ना रहे। अल्लाह तआला ने यह हुक्म इसलिए दिया ताकि उसकी उम्मत कभी ज़लील न हो और हमेशा इज़्ज़त और ताकत के साथ जिए। जो लोग इस हुक्म पर अमल करेंगे, अल्लाह उन्हें दुनिया में कामयाबी और आख़िरत में जन्नत की खुशखबरी देता है।
📜 आयत 69-73 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 71
सूरा अन-निसा आयत 71 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमानवालों (जिहाद के वक्त) अपनी हिफ़ाज़त के (ज़राए) अच्छी…सूरा आयत 71/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 69–73. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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