Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- غَافِرِ الذَّنبِ: गुनाहों को ढकने वाला, क्षमा करने वाला।
- قَابِلِ التَّوْبِ: तौबा (पश्चाताप) को कबूल करने वाला।
- شَدِيدِ الْعِقَابِ: सख्त अज़ाब (दंड) देने वाला।
- ذِي الطَّوْلِ: बड़ी दया, भलाई और बेशुमार नेमतों वाला।
- الْمَصِيرُ: अंतिम पड़ाव, लौटने की जगह।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें अल्लाह तआला की उन खूबियों से रूबरू कराती है जो मोमिन के दिल में उम्मीद और खौफ दोनों पैदा करती हैं। अल्लाह पाक गुनाहों को ढकने वाला है—वह अपने बंदों के गुनाहों को न केवल माफ करता है बल्कि उन्हें ढक भी देता है, ताकि उनकी बेइज़्ज़ती न हो। वह तौबा कबूल करने वाला है; जब बंदा अपनी गलती पर पश्चाताप करता है और सच्चे दिल से उसकी ओर लौटता है, तो अल्लाह उसे खुशी-खुशी कबूल करता है और उसके गुनाहों को मिटा देता है। यह अल्लाह की रहमत का ऐसा दरवाज़ा है जो कभी बंद नहीं होता।
लेकिन साथ ही वह सख्त अज़ाब देने वाला भी है—उन लोगों के लिए जो जानबूझकर गुनाहों पर अड़े रहते हैं, तौबा से मुँह मोड़ते हैं और अल्लाह की नाफ़रमानी पर हठ करते हैं। अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसका इंसाफ़ कभी कमज़ोर नहीं पड़ता।
वह ذِي الطَّوْلِ है—यानी बड़ी भलाई, बेशुमार नेमतों और असीम दया का मालिक। वह अपने नेक बंदों पर अपनी फज़ल (कृपा) और एहसान की बारिश करता है, उन्हें तरक़्क़ी देता है और उनकी ज़रूरतें पूरी करता है। उसकी दया का कोई अंत नहीं, और उसके एहसानों का कोई हिसाब नहीं।
फिर आयत का निचोड़ यह है कि उसके सिवा कोई सच्चा माबूद (पूज्य) नहीं। सारी इबादत, सारी उम्मीद और सारा डर सिर्फ़ उसी के लिए होना चाहिए। और उसी की ओर सबका लौटना है—क़यामत के दिन हर इंसान, चाहे वह नेक हो या बदकार, उसी के सामने हाज़िर होगा। वहाँ वह हर एक को उसके कर्मों के अनुसार बदला देगा—नेक को जन्नत और बदकार को उसका अंजाम।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमारी ज़िंदगी में उम्मीद और डर का संतुलन होना चाहिए। हम अल्लाह की रहमत से कभी मायूस न हों, क्योंकि वह तौबा कबूल करने वाला है; और साथ ही उसके अज़ाब से बेख़ौफ़ भी न हों, क्योंकि वह सख्त अज़ाब देने वाला है। यही वह रास्ता है जो हमें सीधे अल्लाह की मोहब्बत और उसकी रज़ा तक पहुँचाता है। जो बंदा इस हक़ीक़त को समझ ले, वह अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसकी फरमाँबरदारी में बिताता है, और यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 1-5 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 3
सूरा ग़ाफिर आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : गुनाहों का बख्शने वाला और तौबा का क़ुबूल करने वाला…सूरा आयत 3/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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