ग़ाफिर · 8/85
अनुवाद उच्चारण — ग़ाफिर
رَبَّنَا وَأَدْخِلْهُمْ جَنَّاتِ عَدْنٍ الَّتِي وَعَدتَّهُمْ وَمَن صَلَحَ مِنْ آبَائِهِمْ وَأَزْوَاجِهِمْ وَذُرِّيَّاتِهِمْ ۚ إِنَّكَ أَنتَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ ۝٨
Rabbannaa wa adkhilhum Jannaati `adninil latee wa`attahum wa man salaha min aabaaa`ihim wa azwaajihim wa zurriyyaatihim; innaka Antal `Azeezul Hakeem
📖 हिंदी अर्थ
ऐ हमारे पालने वाले इन को सदाबहार बाग़ों में जिनका तूने उन से वायदा किया है दाख़िल कर और उनके बाप दादाओं और उनकी बीवीयों और उनकी औलाद में से जो लोग नेक हो उनको (भी बख्श दें) बेशक तू ही ज़बरदस्त (और) हिकमत वाला है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • जन्नाते अद्न: स्थायी रहने के बाग़, जहाँ हमेशा रहना हो।
  • वअद्तहुम: जिसका आपने उनसे वादा किया।
  • सलहा: नेक और अच्छा (ईमान और अच्छे कर्मों के साथ)।
  • आबाइहिम: उनके बाप-दादा।
  • अज़वाजिहिम: उनकी पत्नियाँ।
  • ज़ुर्रियातिहिम: उनकी संतानें।
  • अल-अज़ीज़: वह शक्तिशाली जिसे कोई हरा न सके।
  • अल-हकीम: सब कुछ अपनी हिकमत (समझदारी) से करने वाला।

तफसीर (व्याख्या):

यह दुआ फ़रिश्तों की ज़ुबान से है, जो ईमानवालों के लिए अल्लाह से माँगते हैं। वे कहते हैं: "ऐ हमारे रब! उन मोमिनों को उन स्थायी जन्नतों में दाख़िल फ़रमा, जिनका तूने उनसे वादा किया है। और उनके साथ उनके बाप-दादाओं, पत्नियों और संतानों में से उन लोगों को भी दाख़िल कर, जो ईमान और नेक कर्मों की स्थिति पर सही और अच्छे रहे हैं। यह इसलिए कि उनकी ख़ुशी और सरूर पूरा हो जाए, और वे अपने प्यारों के साथ मिलकर जन्नत की नेअमतों से लुत्फ़ उठाएँ।"

फिर वे कहते हैं: "बेशक तू ही अज़ीज़ है—वह शक्तिशाली जिसके आगे कोई चीज़ मुश्किल नहीं, और तू ही हकीम है—हर काम अपनी गहरी समझदारी और सही निज़ाम के साथ करता है। तूने जिसे जन्नत का वादा दिया, वह ज़रूर पूरा होगा, और तेरी हिकमत के मुताबिक़ हर इंसान को उसके अमल का बदला मिलेगा।"

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के नेक बंदे—चाहे वे फ़रिश्ते हों—मोमिनों के लिए दुआ करते हैं। यह कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हमारे लिए आसमानी मख़लूक़ भी दुआ कर रही है! साथ ही, यह हमें बताती है कि अल्लाह की रहमत सिर्फ़ हम तक महदूद नहीं, बल्कि हमारे परिवार, हमारे बुज़ुर्गों और हमारी औलाद तक फैली हुई है—बशर्ते वे ईमान और नेकी पर क़ायम रहें। तो आइए, हम अपने ईमान को मज़बूत करें और अपने अमल को अच्छा बनाएँ, ताकि हम और हमारे अज़ीज़ सब जन्नत की नेअमतों से नवाज़े जाएँ। यह वादा अल्लाह का है, और अल्लाह का वादा कभी नहीं टूटता।

🎧 सुनें

📜 आयत 6-10 — ग़ाफिर

6وَكَذَٰلِكَ حَقَّتْ كَلِمَتُ رَبِّكَ عَلَى الَّذِينَ كَفَرُوا أَنَّهُمْ أَصْحَابُ النَّارِ
और इसी तरह तुम्हारे परवरदिगार का अज़ाब का हुक्म (उन) काफ़िरों पर पूरा हो चुका है कि यह लोग यक़ीनी जहन्नुमी हैं
7الَّذِينَ يَحْمِلُونَ الْعَرْشَ وَمَنْ حَوْلَهُ يُسَبِّحُونَ بِحَمْدِ رَبِّهِمْ وَيُؤْمِنُونَ بِهِ وَيَسْتَغْفِرُونَ لِلَّذِينَ آمَنُوا رَبَّنَا وَسِعْتَ كُلَّ شَيْءٍ رَّحْمَةً وَعِلْمًا فَاغْفِرْ لِلَّذِينَ تَابُوا وَاتَّبَعُوا سَبِيلَكَ وَقِهِمْ عَذَابَ الْجَحِيمِ
जो (फ़रिश्ते) अर्श को उठाए हुए हैं और जो उस के गिर्दा गिर्द (तैनात) हैं (सब) अपने परवरदिगार की तारीफ़ के साथ तसबीह करते हैं और उस पर ईमान रखते हैं और मोमिनों के लिए बख़शिश की दुआएं माँगा करते हैं कि परवरदिगार तेरी रहमत और तेरा इल्म हर चीज़ पर अहाता किए हुए हैं, तो जिन लोगों ने (सच्चे) दिल से तौबा कर ली और तेरे रास्ते पर चले उनको बख्श दे और उनको जहन्नुम के अज़ाब से बचा ले
8رَبَّنَا وَأَدْخِلْهُمْ جَنَّاتِ عَدْنٍ الَّتِي وَعَدتَّهُمْ وَمَن صَلَحَ مِنْ آبَائِهِمْ وَأَزْوَاجِهِمْ وَذُرِّيَّاتِهِمْ ۚ إِنَّكَ أَنتَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ
ऐ हमारे पालने वाले इन को सदाबहार बाग़ों में जिनका तूने उन से वायदा किया है दाख़िल कर और उनके बाप दादाओं और उनकी बीवीयों और उनकी औलाद में से जो लोग नेक हो उनको (भी बख्श दें) बेशक तू ही ज़बरदस्त (और) हिकमत वाला है
9وَقِهِمُ السَّيِّئَاتِ ۚ وَمَن تَقِ السَّيِّئَاتِ يَوْمَئِذٍ فَقَدْ رَحِمْتَهُ ۚ وَذَٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْعَظِيمُ
और उनको हर किस्म की बुराइयों से महफूज़ रख और जिसको तूने उस दिन ( कयामत ) के अज़ाबों से बचा लिया उस पर तूने बड़ा रहम किया और यही तो बड़ी कामयाबी है
10إِنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا يُنَادَوْنَ لَمَقْتُ اللَّهِ أَكْبَرُ مِن مَّقْتِكُمْ أَنفُسَكُمْ إِذْ تُدْعَوْنَ إِلَى الْإِيمَانِ فَتَكْفُرُونَ
(हाँ) जिन लोगों ने कुफ्र एख्तेयार किया उनसे पुकार कर कह दिया जाएगा कि जितना तुम (आज) अपनी जान से बेज़ार हो उससे बढ़कर ख़ुदा तुमसे बेज़ार था जब तुम ईमान की तरफ बुलाए जाते थे तो कुफ्र करते थे
ग़ाफिरकुरान सूची
85आयत
मक्कीRevelation
8आयत

अनुवाद — ग़ाफिर 8

सूरा ग़ाफिर आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ हमारे पालने वाले इन को सदाबहार बाग़ों में जिनका…

सूरा आयत 8/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए