अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- जन्नाते अद्न: स्थायी रहने के बाग़, जहाँ हमेशा रहना हो।
- वअद्तहुम: जिसका आपने उनसे वादा किया।
- सलहा: नेक और अच्छा (ईमान और अच्छे कर्मों के साथ)।
- आबाइहिम: उनके बाप-दादा।
- अज़वाजिहिम: उनकी पत्नियाँ।
- ज़ुर्रियातिहिम: उनकी संतानें।
- अल-अज़ीज़: वह शक्तिशाली जिसे कोई हरा न सके।
- अल-हकीम: सब कुछ अपनी हिकमत (समझदारी) से करने वाला।
तफसीर (व्याख्या):
यह दुआ फ़रिश्तों की ज़ुबान से है, जो ईमानवालों के लिए अल्लाह से माँगते हैं। वे कहते हैं: "ऐ हमारे रब! उन मोमिनों को उन स्थायी जन्नतों में दाख़िल फ़रमा, जिनका तूने उनसे वादा किया है। और उनके साथ उनके बाप-दादाओं, पत्नियों और संतानों में से उन लोगों को भी दाख़िल कर, जो ईमान और नेक कर्मों की स्थिति पर सही और अच्छे रहे हैं। यह इसलिए कि उनकी ख़ुशी और सरूर पूरा हो जाए, और वे अपने प्यारों के साथ मिलकर जन्नत की नेअमतों से लुत्फ़ उठाएँ।"
फिर वे कहते हैं: "बेशक तू ही अज़ीज़ है—वह शक्तिशाली जिसके आगे कोई चीज़ मुश्किल नहीं, और तू ही हकीम है—हर काम अपनी गहरी समझदारी और सही निज़ाम के साथ करता है। तूने जिसे जन्नत का वादा दिया, वह ज़रूर पूरा होगा, और तेरी हिकमत के मुताबिक़ हर इंसान को उसके अमल का बदला मिलेगा।"
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के नेक बंदे—चाहे वे फ़रिश्ते हों—मोमिनों के लिए दुआ करते हैं। यह कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हमारे लिए आसमानी मख़लूक़ भी दुआ कर रही है! साथ ही, यह हमें बताती है कि अल्लाह की रहमत सिर्फ़ हम तक महदूद नहीं, बल्कि हमारे परिवार, हमारे बुज़ुर्गों और हमारी औलाद तक फैली हुई है—बशर्ते वे ईमान और नेकी पर क़ायम रहें। तो आइए, हम अपने ईमान को मज़बूत करें और अपने अमल को अच्छा बनाएँ, ताकि हम और हमारे अज़ीज़ सब जन्नत की नेअमतों से नवाज़े जाएँ। यह वादा अल्लाह का है, और अल्लाह का वादा कभी नहीं टूटता।
📜 आयत 6-10 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 8
सूरा ग़ाफिर आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ हमारे पालने वाले इन को सदाबहार बाग़ों में जिनका…सूरा आयत 8/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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