अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَقِهِمُ: उन्हें बचा ले, उनसे दूर रख दे।
- السَّيِّئَاتِ: बुराइयाँ, यहाँ अर्थ है बुरे कर्मों की सज़ा और उनके बुरे अंजाम।
- يَوْمَئِذٍ: उस दिन (यानी क़ियामत के दिन)।
- رَحِمْتَهُ: तूने उस पर रहम किया, उसे अपनी रहमत से नवाज़ा।
- الْفَوْزُ الْعَظِيمُ: बड़ी कामयाबी, महान सफलता।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में मोमिन बंदे दुआ करते हैं कि "ऐ हमारे रब! हमें बुराइयों से बचा ले, हमारे गुनाहों की सज़ा हमसे दूर रख, और हमें उन अंजामों से महफ़ूज़ रख जो हमें रंज और अफ़सोस में डाल दें।" यह दुआ उन लोगों की है जो दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उसकी रहमत की उम्मीद रखते हैं और उसके अज़ाब से डरते हैं।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिस शख्स को क़ियामत के दिन बुराइयों की सज़ा से बचा लिया गया, उस पर अल्लाह ने रहमत फ़रमा दी। यानी उसे जहन्नुम की आग से नजात मिल गई और वह जन्नत में दाख़िल हो गया। और यही सबसे बड़ी कामयाबी है — वह कामयाबी जिसके आगे दुनिया की हर कामयाबी बेमानी है।
यह वह फ़ौज़ है जिसका कोई हमसर (मुक़ाबिल) नहीं, क्योंकि यहाँ इंसान को वह नेअमत मिलती है जो कभी ख़त्म नहीं होती — अल्लाह की रज़ा, जन्नत की नेअमतें, और हमेशा की खुशियाँ।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह से दुआ करने का सबसे अफ़ज़ल तरीक़ा यह है कि हम उससे दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई माँगें। जो बंदा अल्लाह से बुराइयों से हिफ़ाज़त की दुआ करता है, अल्लाह उसे दुनिया में भी बुराइयों से बचाता है और आख़िरत में भी उसे जन्नत अता करता है। यही असली कामयाबी है — न कि दुनिया का माल और औलाद।
तो आओ, हम भी इस दुआ को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाएँ, और अल्लाह से यही माँगें कि "ऐ अल्लाह! हमें बुराइयों से बचा, हमारे गुनाह माफ़ कर, और हमें जन्नत अता फ़रमा।" यही वह रास्ता है जो हमें सच्ची कामयाबी तक पहुँचाता है। अल्लाह हम सबको इस तौफ़ीक़ अता करे। आमीन।
📜 आयत 7-11 — सूरा ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 9
सूरा ग़ाफिर आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनको हर किस्म की बुराइयों से महफूज़ रख और…सूरा आयत 9/85 — सूरा ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ग़ाफिर सुनें, सूरा ग़ाफिर अनुवाद, सूरा ग़ाफिर mp3, सूरा ग़ाफिर pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








