Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- صَبَرَ – धैर्य रखा, सहन किया
- وَغَفَرَ – और क्षमा कर दिया
- عَزْمِ الْأُمُورِ – दृढ़ इरादों वाले कार्य, अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्य के कार्य
तफसीर:
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला उन लोगों की प्रशंसा कर रहे हैं जो दूसरों के अत्याचार और कष्ट पर धैर्य रखते हैं, और बदला लेने की शक्ति होते हुए भी क्षमा और उदारता का मार्ग अपनाते हैं। यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि जब कोई व्यक्ति किसी के द्वारा सताया जाए, तो उसे चाहिए कि वह धैर्य का परिचय दे और अपने दिल से बदले की भावना को निकालकर दूसरे की गलती को माफ कर दे।
यह कार्य आसान नहीं है, बल्कि यह उन कठिन और महान कार्यों में से है जिन्हें अल्लाह ने बहुत पसंद किया है। जो व्यक्ति इस गुण को अपनाता है, वह न केवल अपने लिए अल्लाह के यहाँ महान प्रतिफल कमाता है, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और शांति का संचार भी करता है। ऐसा व्यक्ति समाज के लिए एक आदर्श बन जाता है, और उसकी यह दरियादिली उसे लोगों की नज़रों में भी ऊँचा उठाती है।
अल्लाह तआला ने इस आयत में यह भी बताया कि यह गुण उन्हीं लोगों को नसीब होता है जिनका दिल बड़ा होता है और जिन्हें अल्लाह की ओर से विशेष तौफीक मिली होती है। यह एक ऐसा कार्य है जो इंसान को अल्लाह के करीब लाता है और उसके दर्जे को बुलंद करता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में इस गुण को अपनाएँ। जब कोई हमें तकलीफ पहुँचाए, तो हम उसे माफ कर दें, क्योंकि माफ करने वालों को अल्लाह बहुत प्यार करता है। याद रखें, बदला लेना आसान है, लेकिन माफ करना बहुत बड़ा काम है। यही वह गुण है जो हमें दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी दिलाएगा। अल्लाह हम सभी को इस महान गुण को अपनाने की तौफीक दे। आमीन।
📜 आयत 41-45 — सूरा अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 43
सूरा अश-शूरा आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो सब्र करे और कुसूर माफ़ कर दे तो…सूरा आयत 43/53 — सूरा अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शूरा सुनें, सूरा अश-शूरा अनुवाद, सूरा अश-शूरा mp3, सूरा अश-शूरा pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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