अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُضْلِلِ (युज़लिल): गुमराह करना, हिदायत से वंचित करना
- وَلِيّ (वली): मददगार, संरक्षक, मार्गदर्शक
- مَرَدّ (मरद्द): लौटने की जगह, वापसी का रास्ता (यहाँ दुनिया की ओर लौटना)
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में एक बहुत ही गंभीर और डरावनी हकीकत बयान कर रहे हैं। जिस व्यक्ति को अल्लाह अपनी रहमत और हिदायत से महरूम कर दे, उसके लिए अल्लाह के सिवा कोई और मददगार, कोई और राह दिखाने वाला नहीं होता। यह उस व्यक्ति का हाल है जो अपने ज़ुल्म, अपनी सरकशी और अपने गुनाहों की वजह से अल्लाह की हिदायत से दूर हो जाता है। जब अल्लाह किसी को उसके अमल की सज़ा के तौर पर गुमराही में छोड़ देता है, तो फिर पूरी कायनात में कोई ताकत नहीं जो उसे सीधा रास्ता दिखा सके।
फिर अल्लाह तआला क़यामत के दिन के उस मंज़र का ज़िक्र करते हैं जब ज़ालिम (अपने ऊपर ज़ुल्म करने वाले) लोग आज़ाब को अपनी आँखों से देख लेंगे। उस वक़्त उन्हें अपनी ग़लतियों का एहसास होगा, लेकिन एहसास बेकार होगा। वे हैरत और नदामत के साथ कहेंगे: "क्या हमारे लिए दुनिया में लौटने का कोई रास्ता है?" वे दुनिया में लौटकर नेक अमल करना चाहेंगे, तौबा करना चाहेंगे, लेकिन यह सिर्फ़ एक ख्वाहिश होगी जो कभी पूरी नहीं होगी।
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। अल्लाह तआला ने हमें दुनिया में रहते हुए हिदायत का रास्ता दिखाया है, क़ुरआन और सुन्नत के ज़रिए हमें सच्चाई से आगाह किया है। यह हमारे लिए अल्लाह की सबसे बड़ी रहमत है कि हम अभी ज़िंदा हैं, अभी हमारे पास तौबा करने का मौक़ा है। हमें इस नेमत की क़द्र करनी चाहिए और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत में गुज़ारना चाहिए। क़यामत के दिन पछताने और दुनिया में लौटने की आरज़ू करने से पहले, आज ही अपने रब की तरफ रुजू कर लें, क्योंकि आज का दिन अमल का दिन है, हिसाब का दिन नहीं। अल्लाह तआला बहुत मेहरबान और क़ुबूल करने वाला है, वह अपने बंदों की तौबा को पसंद करता है। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी के हर लम्हे को अल्लाह की रज़ा के लिए इस्तेमाल करें, ताकि उस दिन हमें शर्मिंदगी और पछतावे का सामना न करना पड़े।
📜 आयत 42-46 — अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 44
सूरा अश-शूरा आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिसको ख़ुदा गुमराही में छोड़ दे तो उसके बाद…सूरा आयत 44/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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