Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- आरिद़न (عارضًا): बादल जो क्षितिज पर छा जाए, या वह चीज़ जो सामने आए।
- मुस्तक़बिल (مستقبل): सामने आता हुआ, अपनी ओर आता हुआ।
- औदियतिहिम (أوديتهم): उनकी घाटियाँ (वादियाँ)।
- मुम्तिरुन (ممطرنا): हमें बारिश देने वाला।
- अज़ाबुन अलीम (عذاب أليم): दर्दनाक और बहुत सख्त यातना।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अल्लाह का वादा किया हुआ अज़ाब उन (आद की क़ौम) के सामने आया, तो उन्होंने उसे एक बादल के रूप में देखा जो उनकी घाटियों की ओर बढ़ रहा था। उनकी आँखों ने उसे सिर्फ़ एक आम बादल समझा, और उनके दिलों में खुशी की लहर दौड़ गई। वे बोल पड़े: "यह तो बारिश वाला बादल है जो हमें पानी देगा!" वे भूल गए कि यह वही चीज़ है जिसे वे मज़ाक़ में जल्दी माँग रहे थे। उन्होंने कहा था: "अगर तुम सच्चे हो तो वह अज़ाब लाओ जिसकी तुम हमें धमकी देते हो।"
तो उन्हें जवाब दिया गया (हज़रत हूद अलैहिस्सलाम के ज़रिए): "यह बारिश का बादल नहीं है जैसा तुम समझ रहे हो, बल्कि यह वही अज़ाब है जिसे तुम जल्दी माँग रहे थे। यह एक हवा है जिसमें दर्दनाक यातना है।" यानी वह रहमत का बादल नहीं, बल्कि अल्लाह के ग़ज़ब का पैग़ाम था।
फिर वह हवा उन पर सात रात और आठ दिन लगातार चली, जिसने उन्हें इस तरह तबाह कर दिया कि वे खोखले ताड़ के पेड़ों की तरह गिर पड़े। यह उनके कुफ़्र और अल्लाह के नबी को झुठलाने का नतीजा था।
दावती पहलू (नसीहत):
यह क़िस्सा हमारे लिए एक बहुत बड़ी सबक़ है। इंसान अक्सर दुनिया की जल्दी में होता है और अल्लाह की रहमत को भूल जाता है। जब अल्लाह की तरफ़ से कोई मुसीबत आती है, तो हम उसे सिर्फ़ बुरा समझते हैं, लेकिन कभी-कभी वही चीज़ हमारे लिए रहमत बन जाती है। और जब कोई अच्छी चीज़ आती है, तो हम उसे अपनी क़ाबिलियत समझ लेते हैं, जबकि वह अल्लाह की तरफ़ से होती है।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह के वादे सच्चे हैं। उसका अज़ाब भी हक़ है और उसकी रहमत भी हक़ है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के नबियों की बात को गंभीरता से सुनें और अपनी ज़िंदगी को उनके बताए रास्ते पर चलाएँ। जो लोग हक़ को मज़ाक़ समझते हैं, वे अक्सर उस वक़्त पछताते हैं जब देर हो चुकी होती है।
अल्लाह हमें हक़ समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 22-26 — सूरा अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 24
सूरा अल-अहकाफ आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जब उन लोगों ने इस (अज़ाब) को देखा कि…सूरा आयत 24/35 — सूरा अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहकाफ सुनें, सूरा अल-अहकाफ अनुवाद, सूरा अल-अहकाफ mp3, सूरा अल-अहकाफ pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहकाफ
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


