Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تُدَمِّرُ: नष्ट करती है, तबाह कर देती है।
- بِأَمْرِ رَبِّهَا: अपने रब के हुक्म से।
- فَأَصْبَحُوا: फिर वे ऐसे हो गए (सुबह उन्होंने ऐसी हालत में की)।
- لَا يُرَى إِلَّا مَسَاكِنُهُمْ: उनके घरों के सिवा कुछ नहीं दिखता था।
- الْمُجْرِمِينَ: अपराधियों, गुनाहगारों को।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक अज़ाब का वर्णन कर रही है जो क़ौमे आद (हज़रत हूद अलैहिस्सलाम की क़ौम) पर आया। जब उन्होंने अपने नबी को झुठलाया और हक़ से मुँह मोड़ा, तो अल्लाह ने उन पर एक तूफ़ानी हवा भेजी जो हर चीज़ को तबाह कर देने वाली थी। वह हवा अल्लाह के हुक्म से हर उस चीज़ को नष्ट कर रही थी जिसे नष्ट करने का आदेश दिया गया था — उनके घर, उनकी जानें, उनका माल, सब कुछ। यहाँ तक कि सुबह होते-होते वे इस तरह मिट गए कि उनके शहरों में सिर्फ़ उनके खाली घर ही बचे थे, जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि यहाँ कभी लोग बसते थे। उनके शरीर तक नहीं दिखे, सिर्फ़ उनके घरों के खंडहर रह गए।
यह अल्लाह का क़ानून है — जो लोग ज़ुल्म और इंकार पर अड़े रहते हैं, वे इसी तरह सज़ा पाते हैं। यह सिर्फ़ क़ौमे आद के लिए नहीं था, बल्कि हर उस क़ौम के लिए है जो अल्लाह के रसूलों को झुठलाती है और गुनाहों पर मुसर्र रहती है।
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमें अल्लाह की ताक़त और उसके अज़ाब से डराती है, लेकिन साथ ही यह भी सिखाती है कि अल्लाह बहुत रहम करने वाला है। उसने हज़रत हूद अलैहिस्सलाम और उनके साथियों को बचा लिया, क्योंकि वे ईमान लाए थे। आज भी अल्लाह का दरवाज़ा तौबा के लिए खुला है — जो भी अपने गुनाहों से तौबा करके अल्लाह की तरफ़ लौटता है, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है और उसकी हिफ़ाज़त करता है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि दुनिया की ज़िंदगी फ़ानी है — आज जो लोग अपनी ताक़त और माल पर इतराते हैं, कल उनके पास कुछ नहीं बचेगा। अच्छा हो कि हम अल्लाह के हुक्मों को मानें, अपने नबी की सुन्नत पर चलें, और उस दिन से पहले ख़ुद को सुधार लें जब पछताने का कोई फ़ायदा नहीं होगा। अल्लाह हमें उन लोगों में शामिल करे जो उसकी रहमत के हक़दार हैं। आमीन।
📜 आयत 23-27 — सूरा अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 25
सूरा अल-अहकाफ आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो अपने परवरदिगार के हुक्म से हर चीज़ को तबाह…सूरा आयत 25/35 — सूरा अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहकाफ सुनें, सूरा अल-अहकाफ अनुवाद, सूरा अल-अहकाफ mp3, सूरा अल-अहकाफ pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहकाफ
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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