Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسَّرْنَا: हमने आसान कर दिया
- لِلذِّكْرِ: याद करने, नसीहत हासिल करने और सीखने के लिए
- مُدَّكِر: नसीहत हासिल करने वाला, सीखने और समझने वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपनी बहुत बड़ी रहमत और एहसान का ज़िक्र फ़रमाया है। उसने क़ुरआन को याद करने, समझने और नसीहत हासिल करने के लिए बेहद आसान बना दिया है। यह किताब ऐसी है कि बच्चे भी इसे आसानी से हिफ़्ज़ कर लेते हैं, बड़े भी इसे पढ़कर समझ जाते हैं, और जो लोग दिल से इसे अपनाना चाहते हैं, उनके लिए इसके हर लफ़्ज़ में हिदायत और रौशनी है। अल्लाह ने क़ुरआन के लफ़्ज़ों को तिलावत के लिए, उसके मानी को समझने के लिए और उसकी नसीहतों को दिल में उतारने के लिए आसान कर दिया है।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "तो क्या कोई है जो नसीहत हासिल करे?" यानी यह आसानी पेश करने के बाद अल्लाह हमें चुनौती देता है कि अब कौन है जो इस आसान किताब से फ़ायदा उठाए, अपनी ज़िंदगी को इसके अनुसार ढाले और इसकी बरकतों से अपने दिल को रौशन करे? यह सवाल दिल को झिंझोड़ने वाला है — यह हर इंसान से पूछा जा रहा है कि क्या तू भी उन लोगों में से है जो क़ुरआन से नसीहत हासिल करते हैं?
यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन को पढ़ना, सीखना, सिखाना और उस पर अमल करना हर मुसलमान के लिए आसान बना दिया गया है। अल्लाह ने इसे आसान इसलिए बनाया ताकि कोई भी बहाना न बना सके कि हमें समझ नहीं आता या हम सीख नहीं सकते। यह हमारे लिए अल्लाह की तरफ से एक खास मेहरबानी है कि उसने अपनी आख़िरी किताब को इतना आसान बनाया कि हर ज़ुबान वाला, हर उम्र का इंसान, हर स्तर का इंसान इसे सीख सके।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बुला रही है कि हम क़ुरआन की तरफ रुजू करें, इसे पढ़ें, इस पर ग़ौर करें और इसे अपनी ज़िंदगी का नक्शा बनाएं। क़ुरआन हमारे लिए रहमत, शिफ़ा और हिदायत है। जो इसे पकड़ लेगा, वह कभी गुमराह नहीं होगा। अल्लाह ने वादा किया है कि यह किताब क़यामत तक महफ़ूज़ रहेगी और इसकी हिदायत हर ज़माने के लिए काफी है। तो आओ, हम सब इस आसान किताब को अपनाएं, इसे पढ़ें, समझें और अपनी ज़िंदगी को इसकी रौशनी में ढालें — क्योंकि यही हमारी कामयाबी की कुंजी है।
📜 आयत 20-24 — सूरा अल-क़मर
अनुवाद — अल-क़मर 22
सूरा अल-क़मर आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने तो क़ुरान को नसीहत हासिल करने के वास्ते…सूरा आयत 22/55 — सूरा अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़मर सुनें, सूरा अल-क़मर अनुवाद, सूरा अल-क़मर mp3, सूरा अल-क़मर pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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