Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فُرَادَىٰ: अकेले-अकेले, बिना किसी साथी या सहारे के।
- خَوَّلْنَاكُمْ: हमने तुम्हें दिया था (धन, संपत्ति, सामर्थ्य)।
- وَرَاءَ ظُهُورِكُمْ: अपने पीछे छोड़ आए (दुनिया में ही रह गया)।
- شُفَعَاءَكُمُ: तुम्हारे सिफारिशी (जिन्हें तुम अपना मध्यस्थ मानते थे)।
- تَقَطَّعَ بَيْنَكُمْ: तुम्हारा आपसी संबंध टूट गया।
- ضَلَّ عَنكُمْ: तुमसे खो गया, गायब हो गया।
तफसीर (व्याख्या):
क़यामत के दिन अल्लाह तआला काफ़िरों से फ़रमाएगा: "तुम आज हमारे सामने बिल्कुल अकेले-अकेले आए हो, ठीक उसी तरह जैसे हमने तुम्हें पहली बार पैदा किया था — नंगे, निर्वस्त्र, बिना किसी सामान के। आज न तो तुम्हारे पास धन है, न ऐशो-आराम का कोई साधन, न कोई साथी। जो कुछ हमने तुम्हें दुनिया में दिया था — माल, जायदाद, ओहदा, ताकत — वह सब कुछ तुमने पीछे छोड़ दिया और अब उसमें से कुछ भी तुम्हारे काम नहीं आ रहा।"
"और हम देख रहे हैं कि तुम्हारे वे 'सिफारिशी' भी तुम्हारे साथ नहीं हैं, जिन्हें तुमने दुनिया में पुकारा करते थे और दावा करते थे कि वे अल्लाह के साथ हमारे साझीदार हैं — हमारी पूजा के हक़दार हैं और हमारी सिफारिश करेंगे। आज वे सब गायब हैं, न उनका कोई निशान है और न उनकी कोई मदद।"
"तुम्हारा आपसी रिश्ता-नाता, तुम्हारी दोस्ती और मोहब्बत — सब कुछ टूट चुका है। जिन देवताओं की तुमने पूजा की थी और जिनसे उम्मीदें लगाई थीं कि वे तुम्हारी सिफारिश करेंगे, वे सब तुमसे बिछड़ गए और तुम्हारा उनसे कोई वास्ता नहीं रहा। आज तुम्हें साफ़ दिख गया कि तुम्हारा दावा झूठा था और तुम अपने आपको, अपने परिवार को और अपने धन को घाटे में डाल चुके हो।"
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमें जीवन की सच्चाई से रूबरू कराती है कि दुनिया की हर चीज़ — धन, शोहरत, रिश्ते, ताकत — सब कुछ यहीं रह जाने वाला है। जिस दिन हम अल्लाह के सामने खड़े होंगे, उस दिन हमारे साथ केवल हमारे अच्छे या बुरे कर्म होंगे। इसलिए ऐ इंसान! उस दिन की तैयारी आज ही कर ले। अल्लाह की इबादत को अपना असली सहारा बना, क्योंकि वही अकेला है जो उस दिन काम आएगा। किसी और से उम्मीद मत रख, क्योंकि हर झूठा सहारा उस दिन बेकार साबित होगा। यही वह दिन है जब सच्चाई सामने आएगी और हर इंसान अपने किए का फल पाएगा। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें सीधी राह पर चलाए और उस दिन हमें शर्मिंदा न करे। आमीन।
📜 आयत 92-96 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 94
सूरा अल-अनआम आयत 94 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और आख़िर तुम हमारे पास इसी तरह तन्हा आए (ना)…सूरा आयत 94/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 92–96. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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