अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- غَمَرَاتِ الْمَوْتِ: मृत्यु की सख्तियाँ, सकरात और तकलीफें।
- بَاسِطُو أَيْدِيهِمْ: अपने हाथों को फैलाए हुए (आत्मा निकालने के लिए)।
- عَذَابَ الْهُونِ: अपमानित करने वाला अज़ाब, जो इज़्ज़त छीन ले।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला ने सबसे बड़े ज़ुल्म का ज़िक्र किया है, और वो है अल्लाह पर झूठ बोलना और उसके दीन में मनघड़ंत बातें जोड़ना। अल्लाह तआला फ़रमाता है: उस शख्स से बढ़कर ज़ालिम कौन होगा जो अल्लाह पर झूठा इफ्तिरा करे, या ये दावा करे कि "मेरी तरफ वही आई है" हालाँकि उसकी तरफ कोई वही नहीं आई? या वो शख्स जो कहे कि "मैं भी ऐसा कलाम उतार सकता हूँ जैसा अल्लाह ने उतारा है"? ये तीनों किस्म के लोग सबसे बड़े ज़ालिम हैं, क्योंकि ये अल्लाह की नुबुव्वत और कलाम में झूठी मिलावट करते हैं।
फिर अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ से ख़िताब करते हुए फ़रमाता है: "ऐ नबी! अगर तुम उन ज़ालिमों को उस वक़्त देखते जब वो मौत की सख्तियों में होते हैं, और फ़रिश्ते अपने हाथ फैलाए हुए उनकी रूहें निकालने के लिए खड़े होते हैं, और उन्हें डाँटते हुए कहते हैं: 'अपनी जानें निकालो! आज तुम्हें अपमानित करने वाला अज़ाब दिया जाएगा, क्योंकि तुम अल्लाह पर झूठ बोलते थे और उसकी आयतों के सामने घमंड करते थे' — तो तुम एक बहुत ही भयानक मंज़र देखते।"
ये आयत मुसैलिमा कज़्ज़ाब और उन मुनाफ़िक़ों के बारे में नाज़िल हुई जो नबुव्वत का झूठा दावा करते थे, और उन लोगों के बारे में भी जो कहते थे कि "अगर हम चाहें तो भी ऐसा कलाम कह सकते हैं।"
दावती पहलू:
ये आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के दीन के साथ खिलवाड़ करना, उसकी आयतों को झुठलाना, और नबुव्वत का झूठा दावा करना — ये सबसे बड़े गुनाह हैं। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह के कलाम को सच्चे दिल से क़बूल करें, उसकी आयतों के सामने अपने घमंड को तोड़ें, और उसके नबी ﷺ पर ईमान लाएँ। याद रखें, मौत का वक़्त बहुत सख्त होता है, और जो लोग दुनिया में अल्लाह के सामने घमंड करते हैं, उन्हें उस वक़्त बहुत ज़लील होना पड़ता है। अल्लाह तआला हमें सच्ची ईमान और अच्छे आख़िरत की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 91-95 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 93
सूरा अल-अनआम आयत 93 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उससे बढ़ कर ज़ालिम कौन होगा जो ख़ुदा पर…सूरा आयत 93/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 91–95. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








