अल-क़लम · 52/52
अनुवाद उच्चारण — अल-क़लम
وَمَا هُوَ إِلَّا ذِكْرٌ لِّلْعَالَمِينَ ۝٥٢
Wa maa huwa illaa zikrul lil`aalameen
📖 हिंदी अर्थ
और कहते हैं कि ये तो सिड़ी हैं और ये (क़ुरान) तो सारे जहाँन की नसीहत है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ذِكْرٌ: नसीहत, सीख और याद दिलाने वाली चीज़।
  • لِّلْعَالَمِينَ: सभी सृष्टियों के लिए, अर्थात जिन्न और इंसान सभी के लिए।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस बात का उत्तर है जो कुछ काफ़िरों ने कही थी कि यह क़ुरआन तो बस एक जादू है या किसी पागल का कलाम है। अल्लाह तआला ने उनके इस झूठे इल्ज़ाम का खंडन करते हुए फ़रमाया कि यह (क़ुरआन) और कुछ नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक नसीहत और याद दिलाने वाली चीज़ है। यह क़ुरआन सिर्फ़ किसी एक क़ौम या ज़माने के लिए नहीं, बल्कि जिन्न और इंसान, सभी इंसानों और सभी युगों के लिए हिदायत और रहमत का ज़रिया है।

यह किताब अपने अंदर वह सब कुछ रखती है जो इंसान को उसके रब से जोड़ता है, उसे सही रास्ता दिखाता है, और उसे दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। जो कोई इसे थाम ले, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता, और जो कोई इससे मुँह मोड़ ले, वह अपना ही नुक़सान करता है।

यह क़ुरआन एक ऐसा नूर है जो हर उस दिल को रोशन कर देता है जो सच्चाई की तलाश में हो। यह उन लोगों के लिए रहमत है जो इस पर अमल करते हैं, और उन लोगों के लिए हुज्जत (प्रमाण) है जो इसके मुक़ाबले में खड़े होते हैं। अल्लाह ने इसे आसान कर दिया है ताकि हर कोई इसे समझ सके, और इसे महफ़ूज़ रखा है ताकि यह क़यामत तक बदला न रहे।

इसलिए, हर इंसान को चाहिए कि वह इस क़ुरआन को पढ़े, समझे और अपनी ज़िंदगी को इसके अनुसार ढाले। यही उसकी कामयाबी का ज़रिया है, और यही उसका सबसे बड़ा खज़ाना है। जो लोग इस पर अमल करेंगे, अल्लाह उन्हें दुनिया में इज़्ज़त देगा और आख़िरत में जन्नत अता करेगा।



📜 आयत 50-52 — अल-क़लम

50فَاجْتَبَاهُ رَبُّهُ فَجَعَلَهُ مِنَ الصَّالِحِينَ
तो उनके परवरदिगार ने उनको बरगुज़ीदा करके नेकोकारों से बना दिया
51وَإِن يَكَادُ الَّذِينَ كَفَرُوا لَيُزْلِقُونَكَ بِأَبْصَارِهِمْ لَمَّا سَمِعُوا الذِّكْرَ وَيَقُولُونَ إِنَّهُ لَمَجْنُونٌ
और कुफ्फ़ार जब क़ुरान को सुनते हैं तो मालूम होता है कि ये लोग तुम्हें घूर घूर कर (राह रास्त से) ज़रूर फिसला देंगे
52وَمَا هُوَ إِلَّا ذِكْرٌ لِّلْعَالَمِينَ
और कहते हैं कि ये तो सिड़ी हैं और ये (क़ुरान) तो सारे जहाँन की नसीहत है
अल-क़लमकुरान सूची
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अनुवाद — अल-क़लम 52

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पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

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