अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَتَّىٰ إِذَا رَأَوْا – यहाँ तक कि जब वे देख लेंगे
- مَا يُوعَدُونَ – जिस चीज़ का उन्हें वादा किया गया है (अर्थात् अज़ाब)
- فَسَيَعْلَمُونَ – तो वे अवश्य जान लेंगे
- أَضْعَفُ نَاصِرًا – मददगार के रूप में सबसे कमज़ोर
- أَقَلُّ عَدَدًا – संख्या में सबसे कम
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में मुशरिकीन को चेतावनी दे रहे हैं कि वे अपने कुफ्र और इनकार पर डटे रहें, लेकिन अंतिम फैसला उस दिन होगा जब वे उस अज़ाब को अपनी आँखों से देख लेंगे जिसका उन्हें वादा किया गया था। यह अज़ाब क़यामत के दिन का अज़ाब होगा, या दुनिया में आने वाली मुसीबतें और तबाही, या मौत के वक़्त का अज़ाब। जब वह समय आएगा, तो उन्हें सच्चाई का पता चल जाएगा।
उस दिन वे जान लेंगे कि असल में कौन कमज़ोर है – क्या वे और उनके बुत और उनके सहायक, या अल्लाह के नबी और मोमिनीन? वे देखेंगे कि उनके तमाम झूठे सहारे और मददगार उनके किसी काम न आएँगे, और उनकी तादाद चाहे कितनी ही बड़ी क्यों न हो, वे अल्लाह के अज़ाब के सामने बिल्कुल बेबस और निहत्थे होंगे। जबकि मोमिनीन की तादाद चाहे कम हो, लेकिन उनका नस्र अल्लाह की तरफ से है, और अल्लाह ही बेहतर मददगार और बेहतर फ़तह देने वाला है।
यह आयत हमें सिखाती है कि ईमानवालों को कभी अपनी कम तादाद से डरना नहीं चाहिए। अल्लाह की मदद उसके बंदों के साथ होती है, चाहे वे कितने ही कम क्यों न हों। इतिहास गवाह है कि बद्र के मैदान में तीन सौ तेरह मुसलमानों ने हज़ारों के लश्कर को शिकस्त दी, क्योंकि उनके साथ अल्लाह की ताईद थी। जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, उनके लिए यह काफी है कि अल्लाह उनका संरक्षक और मददगार है। और जो लोग अल्लाह के दुश्मन हैं, उनकी ताकत और तादाद चाहे कितनी ही बड़ी हो, अंजाम में वही कमज़ोर और नाकाम होंगे।
📜 आयत 22-26 — अल-जिन्न
अनुवाद — अल-जिन्न 24
सूरा अल-जिन्न आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यहाँ तक कि जब ये लोग उन चीज़ों को देख…सूरा आयत 24/28 — अल-जिन्न الجن (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जिन्न सुनें, अल-जिन्न अनुवाद, अल-जिन्न mp3, अल-जिन्न pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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