Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِنْ أَدْرِي: मैं नहीं जानता।
- مَا تُوعَدُونَ: जिस (अज़ाब) का तुमसे वादा किया जा रहा है।
- أَمَدًا: एक निश्चित अवधि, लंबा समय।
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए जो क़ियामत और अज़ाब के आने को दूर की बात समझते हैं और उसका मज़ाक उड़ाते हैं: "मैं नहीं जानता कि जिस अज़ाब का तुमसे वादा किया जा रहा है, वह बहुत करीब है या मेरा रब उसके लिए कोई लंबी अवधि निर्धारित करेगा।" यह बात सिर्फ़ अल्लाह ही जानता है, क्योंकि वही ग़ैब का जानने वाला है। उसके इल्म में हर चीज़ शामिल है—चाहे वह जल्दी आए या देर से, सब कुछ उसी की मर्ज़ी और हिक्मत पर मुनहसिर है।
यहाँ एक बड़ी हिक्मत यह है कि अल्लाह ने अपने नबी को यह सिखाया कि ग़ैब की बातों के बारे में यक़ीन के साथ कुछ कहना नहीं चाहिए, बल्कि इल्म को अल्लाह के सुपुर्द कर देना चाहिए। यह ईमान वालों के लिए एक अज़ीम सबक़ है कि हमें उन चीज़ों के बारे में जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए जो अल्लाह के इख्तियार में हैं। अल्लाह का वादा सच्चा है, और उसका अज़ाब उस वक़्त आएगा जब वह चाहेगा—चाहे वह करीब हो या दूर।
मोमिन का काम यह है कि वह अल्लाह के वादों पर पूरा यक़ीन रखे, उसकी रहमत की उम्मीद करे और उसके अज़ाब से डरे। अल्लाह ने अपने रसूल को यह भी बताया कि वह अपने चुने हुए रसूलों पर ग़ैब के कुछ राज़ खोलता है, ताकि वे लोगों को सच्चाई से आगाह कर सकें। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने हमें कुरआन के ज़रिए वह सब कुछ बता दिया है जो हमारी भलाई के लिए ज़रूरी है—चाहे वह दुनिया से मुताल्लिक हो या आख़िरत से।
प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि हम अल्लाह के वादों पर भरोसा रखें और उसकी तरफ़ रुजू करें। क़ियामत का दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन हर इंसान को उसके अमल का बदला मिलेगा। जो लोग उस दिन को झुठलाते हैं, वे सिर्फ़ अपने नुक़सान का सामान कर रहे हैं। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें सच्ची समझ अता करे और उसके दीन पर साबित-क़दम रखे। आमीन।
📜 आयत 23-27 — सूरा अल-जिन्न
अनुवाद — अल-जिन्न 25
सूरा अल-जिन्न आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं नहीं जानता कि…सूरा आयत 25/28 — सूरा अल-जिन्न الجن (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-जिन्न सुनें, सूरा अल-जिन्न अनुवाद, सूरा अल-जिन्न mp3, सूरा अल-जिन्न pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-जिन्न
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


