Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَلَاغًا (बलाग़न): पहुँचाना, संदेश पहुँचाना
- رِسَالَاتِهِ (रिसालातिही): उसके संदेश, अल्लाह के पैग़ाम
- يَعْصِ (य'सी): अवज्ञा करना, नाफ़रमानी करना
- خَالِدِينَ (ख़ालिदीन): हमेशा रहने वाले
- أَبَدًا (अबदन): हमेशा के लिए, कभी समाप्त न होने वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप लोगों से कह दीजिए कि मेरे पास तुम्हें कोई नुक़सान पहुँचाने या फ़ायदा पहुँचाने की कोई ताक़त नहीं है। मैं तो केवल अल्लाह का बंदा हूँ और उसका भेजा हुआ रसूल हूँ। मेरा काम सिर्फ़ यह है कि अल्लाह की तरफ़ से जो संदेश मुझे दिया गया है, उसे तुम तक पूरी ईमानदारी और अमानत के साथ पहुँचा दूँ। मैं अल्लाह के अज़ाब से ख़ुद को भी नहीं बचा सकता अगर मैं उसकी अवज्ञा करूँ, तो मेरे लिए भी उसके अज़ाब से बचने की कोई जगह नहीं है। मेरा काम सिर्फ़ अल्लाह के पैग़ाम को साफ़-साफ़ लोगों तक पहुँचाना है।
अब जो कोई अल्लाह और उसके रसूल की अवज्ञा करेगा, उसके दीन से मुँह मोड़ेगा, और ईमान नहीं लाएगा, तो उसकी सज़ा जहन्नम की आग है। वह उसमें हमेशा-हमेशा के लिए रहेगा, कभी बाहर नहीं निकलेगा। यह अल्लाह का फैसला है जो कभी बदलेगा नहीं।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें यह सिखाती है कि अल्लाह के रसूल का काम सिर्फ़ संदेश पहुँचाना है, और हमारा काम उस संदेश को सुनकर उस पर अमल करना है। अल्लाह ने हमें साफ़-साफ़ बता दिया है कि उसकी नाफ़रमानी का अंजाम क्या है। लेकिन साथ ही उसने रहमत और मग़फ़िरत के दरवाज़े भी खुले रखे हैं। आज भी जो कोई तौबा करके अल्लाह की तरफ़ लौटता है, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है। यह अल्लाह की बड़ी मेहरबानी है कि उसने हमें आगाह कर दिया और हमें मौक़ा दिया है कि हम अपनी ज़िंदगी को सुधार लें। आओ हम अल्लाह के संदेश को गंभीरता से सुनें, उस पर अमल करें, और उस रहमत के हक़दार बनें जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। याद रखिए, जहन्नम की आग से बचने का एक ही रास्ता है - अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करना।
📜 आयत 21-25 — सूरा अल-जिन्न
अनुवाद — अल-जिन्न 23
सूरा अल-जिन्न आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा की तरफ से (एहकाम के) पहुँचा देने और उसके…सूरा आयत 23/28 — सूरा अल-जिन्न الجن (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-जिन्न सुनें, सूरा अल-जिन्न अनुवाद, सूरा अल-जिन्न mp3, सूरा अल-जिन्न pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-जिन्न
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


