अल-मुरसलात · 8/50
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुरसलात
فَإِذَا النُّجُومُ طُمِسَتْ ۝٨
Fa izam nujoomu tumisat
📖 हिंदी अर्थ
फिर जब तारों की चमक जाती रहेगी

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • طُمِسَت: मिटा दी जाएँ, उनका प्रकाश समाप्त कर दिया जाए।

तफ़सीर:

जब सितारों का नूर मिटा दिया जाएगा और उनकी रोशनी खत्म कर दी जाएगी, तो वे बुझे हुए दीयों की तरह अंधकार में डूब जाएँगे। यह क़यामत की एक बड़ी निशानी है, जब यह विशाल ब्रह्मांड, जो अल्लाह की क़ुदरत का अद्भुत नमूना है, अपनी चमकती हुई रौशनियों सहित तबाह कर दिया जाएगा।

यह वह दिन होगा जब अल्लाह तआला अपनी महान शक्ति से सृष्टि को नष्ट करेगा और सब कुछ नई सृष्टि के लिए तैयार करेगा। जिस तरह सितारे रात की सुंदरता का कारण होते हैं, उसी तरह उनका मिट जाना उस दिन की भयावहता को दर्शाता है।

यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया हमेशा नहीं रहेगी। जिस दिन यह सब कुछ खत्म होगा, उस दिन हर इंसान को अपने अमल का हिसाब देना होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और नेक कामों में बिताएँ, ताकि उस दिन हम कामयाब हो सकें।

यह भी हमें सिखाता है कि अल्लाह की क़ुदरत के आगे कुछ भी टिकाऊ नहीं है। जो चीज़ें हमें बहुत बड़ी और मज़बूत लगती हैं, वे उस दिन बेहद कमज़ोर और नाशवान साबित होंगी। इसलिए हमें अपना भरोसा सिर्फ़ अल्लाह पर रखना चाहिए और उसकी रहमत की उम्मीद रखनी चाहिए।

यह आयत हमें उस दिन की याद दिलाकर नेक कामों की तरफ़ राह दिखाती है, ताकि हम उस महान दिन के लिए तैयारी कर सकें। अल्लाह हमें सही रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 6-10 — सूरा अल-मुरसलात

6عُذْرًا أَوْ نُذْرًا
ताकि हुज्जत तमाम हो और डरा दिया जाए
7إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَوَاقِعٌ
कि जिस बात का तुमसे वायदा किया जाता है वह ज़रूर होकर रहेगा
8فَإِذَا النُّجُومُ طُمِسَتْ
फिर जब तारों की चमक जाती रहेगी
9وَإِذَا السَّمَاءُ فُرِجَتْ
और जब आसमान फट जाएगा
10وَإِذَا الْجِبَالُ نُسِفَتْ
और जब पहाड़ (रूई की तरह) उड़े उड़े फिरेंगे
अल-मुरसलातकुरान सूची
50आयत
मक्कीअवतरण स्थान
8आयत

अनुवाद — अल-मुरसलात 8

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Monday, September 28, 2026

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