अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تُوعَدُونَ: जिस चीज़ का तुमसे वादा किया जा रहा है (यानी क़यामत का दिन, हिसाब-किताब, और उसका अंजाम)।
- لَوَاقِعٌ: अवश्य घटित होने वाला, ज़रूर आने वाला, जिसे टलना नामुमकिन है।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में बड़ी सख़्त और स्पष्ट भाषा में वह बात बयान की है जो हर इंसान के दिलो-दिमाग़ में उतरनी चाहिए। फ़रमाया: "जिस चीज़ का तुमसे वादा किया जा रहा है—यानी क़यामत का दिन, मौत के बाद दोबारा ज़िंदा होना, अच्छे और बुरे आमाल का हिसाब, जन्नत और जहन्नम—वह सब कुछ अवश्य घटित होकर रहेगा।" यह कोई धमकी या डरावनी बात नहीं है जो टल सके, बल्कि यह अटल सत्य है, जिसके आने में कोई शक नहीं।
यह वादा अल्लाह का है, और अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता। जिस तरह दिन के बाद रात आती है और रात के बाद सुबह, उसी तरह इस दुनिया के बाद आख़िरत का दिन आकर रहेगा। इस आयत में उन लोगों को ख़ास तौर पर ख़िताब किया गया है जो मज़ाक़ उड़ाते हैं, जो कहते हैं कि "यह वादा कब पूरा होगा?"—उन्हें बता दिया गया कि यह वादा पूरा होकर रहेगा, चाहे वह मानें या न मानें।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमारी ज़िंदगी बेमक़सद नहीं है। हमें इस दुनिया में भेजा गया है तो हमसे पूछताछ होनी है। जो लोग नेकी करते हैं, उनके लिए ख़ुशख़बरी है कि उनका अंजाम जन्नत है, और जो गुनाहों में डूबे हैं, उनके लिए चेतावनी है कि उनका अंजाम जहन्नम है। यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने अपने रसूलों के ज़रिए हमें आगाह कर दिया है—ताकि किसी को यह कहने का मौक़ा न मिले कि "हमें पता ही नहीं था।" यह अल्लाह की रहमत है कि उसने पहले से सब कुछ साफ़ कर दिया, और अब फ़ैसले का दिन आना तय है।
इसलिए ऐ इंसान! इस दुनिया में अपने आमाल को संवार ले, क्योंकि वह दिन ज़रूर आएगा जब तू अपने किए का सामना करेगा। यह वादा अल्लाह का है, और अल्लाह का वादा सच्चा है।
📜 आयत 5-9 — अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 7
सूरा अल-मुरसलात आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि जिस बात का तुमसे वायदा किया जाता है वह…सूरा आयत 7/50 — अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुरसलात सुनें, अल-मुरसलात अनुवाद, अल-मुरसलात mp3, अल-मुरसलात pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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