Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अरसाहा: उन्हें (पहाड़ों को) मज़बूती से जमा दिया, स्थिर कर दिया।
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला अपनी क़ुदरत के नमूनों में से एक और नमूना बयान कर रहे हैं। उन्होंने पहाड़ों को धरती पर इस तरह गाड़ दिया है जैसे खूँटे गाड़े जाते हैं। पहाड़ धरती की सतह को मज़बूती देते हैं, उसे टूटने-बिखरने से बचाते हैं, और ज़मीन को जमा रखते हैं ताकि वह अपने रहने वालों को लेकर डगमगाए नहीं। यह अल्लाह की उस महान शक्ति का प्रमाण है जिसने धरती को पालने की तरह बिछाया और पहाड़ों को मेखों (खूँटों) की तरह गाड़ दिया।
यह वही अल्लाह है जिसने आसमान को ऊँचा उठाया, उसे सँवारा, रात को अंधेरा और दिन को उजाला दिया, और फिर धरती को फैलाकर उसमें पहाड़ों को जमा दिया। यह सब कुछ उसने इंसान की भलाई और उसके आराम के लिए किया। जब अल्लाह के लिए यह सब कुछ बनाना आसान था, तो क़यामत के दिन इंसानों को दोबारा ज़िंदा करना उसके लिए कहीं ज़्यादा आसान है।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि जिस अल्लाह ने इतनी बड़ी और अद्भुत रचना की है, उसकी शक्ति के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं है। हमें चाहिए कि उसकी नेमतों पर ग़ौर करें, उसके एहसानों को याद रखें और उसी की इबादत करें। पहाड़ों की मज़बूती हमें यही सबक देती है कि हम भी अपने ईमान में मज़बूत रहें, दीन के मामले में स्थिर रहें, और अल्लाह की याद से कभी विचलित न हों। यह दुनिया की ज़िंदगी फ़ानी है, और असली कामयाबी उस दिन मिलेगी जब हम अपने रब के सामने हाज़िर होंगे।
📜 आयत 30-34 — सूरा अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 32
सूरा अन-नाज़ियात आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और पहाड़ों को उसमें गाड़ दियासूरा आयत 32/46 — सूरा अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नाज़ियात सुनें, सूरा अन-नाज़ियात अनुवाद, सूरा अन-नाज़ियात mp3, सूरा अन-नाज़ियात pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अन-नाज़ियात
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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