अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَتَاعًا: लाभ, फ़ायदा, जीवन-निर्वाह का साधन
- لَكُمْ: तुम्हारे लिए
- وَلِأَنْعَامِكُمْ: और तुम्हारे चौपायों (पशुओं) के लिए
व्याख्या:
अल्लाह तआला ने इस आयत में उन महान नेमतों और ताक़त के कामों का ज़िक्र किया है जो उसने इस क़ुरआनी बयान में पहले फ़रमाए — आसमान की बुलंदी, उसकी छत को ऊँचा करना, रात को अंधेरा और दिन को उजाला देना, ज़मीन को बिछाना, उसमें पानी के चश्मे जारी करना, वनस्पति उगाना और पहाड़ों को मज़बूत खूँटों की तरह गाड़ना — यह सब कुछ अल्लाह ने सिर्फ़ खेल या बेकार नहीं बनाया, बल्कि इन सबमें तुम्हारे और तुम्हारे पशुओं के लिए भरपूर फ़ायदे और जीवन-निर्वाह के साधन रखे हैं।
यानी यह पूरी कायनात, यह विशाल ब्रह्मांड, यह धरती और आसमान — सब कुछ इंसान और उसके जानवरों की ख़िदमत के लिए है। अल्लाह ने यह सब कुछ इसलिए पैदा किया ताकि तुम उसकी नेमतों से लाभ उठाओ, अपनी ज़रूरतें पूरी करो और अपने पशुओं को चराओ, उनसे सवारी और दूसरे काम लो। यह अल्लाह की रहमत और करम का सबूत है कि उसने न सिर्फ़ इंसान का ख़याल रखा बल्कि उसके पालतू जानवरों का भी पूरा इंतज़ाम किया।
अब जो अल्लाह इतनी बड़ी चीज़ें — आसमान, ज़मीन, पहाड़, पानी, वनस्पति — पैदा कर सकता है, क्या वह इंसानों को दोबारा ज़िंदा करने पर क़ादिर नहीं? हरगिज़ नहीं! यह सब कुछ उसके लिए आसान है। जिसने इतनी बड़ी कायनात बनाई, उसके लिए मुर्दों को दोबारा उठाना कहीं ज़्यादा आसान है। यही इस आयत का मूल पैग़ाम है — क़ुदरत-ए-इलाही पर ईमान और आख़िरत के दिन पर यक़ीन।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! ज़रा सोचिए — जिस रब ने आपके लिए यह सारी दुनिया सजाई है, आपके लिए पानी बहाया, पहाड़ गाड़े, पेड़ उगाए, और आपके पशुओं का भी रिज़्क़ मुक़र्रर किया — क्या वह आपको भूल जाएगा? हरगिज़ नहीं! वह आपको ज़रूर दोबारा ज़िंदा करेगा और आपके अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब लेगा। इसलिए इस दुनिया में अल्लाह की नेमतों का सही इस्तेमाल करें, उसका शुक्र अदा करें, और उस दिन की तैयारी करें जब सब कुछ सामने आ जाएगा। अल्लाह की रहमत से निराश न हों — वह बड़ा क्षमाशील और दयालु है।
📜 आयत 31-35 — अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 33
सूरा अन-नाज़ियात आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ये सब सामान) तुम्हारे और तुम्हारे चारपायो के फ़ायदे के…सूरा आयत 33/46 — अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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