अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذَٰلِكُمْ (ज़ालिकुम): यह वह (अज़ाब)।
- فَذُوقُوهُ (फ़ज़ूक़ूहु): तो उसे चखो (उसका स्वाद चखो)।
- وَأَنَّ لِلْكَافِرِينَ (व अन्ना लिल्काफ़िरीन): और यह कि काफ़िरों के लिए है।
- عَذَابَ النَّارِ (अज़ाबान्नार): आग का अज़ाब।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह अज़ाब, जो तुम्हें दुनिया में पहुँचाया गया — चाहे वह बद्र के मैदान में हार और क़त्ल की शक्ल में हो या किसी और मुसीबत के रूप में — ऐ काफ़िरों! यह तुम्हारे कुफ़्र और अल्लाह तथा उसके रसूल की अवज्ञा का नतीजा है। इसलिए इस दुनियावी अज़ाब का स्वाद चखो, जो तुम्हारे लिए जल्दी भेजा गया। और यह भी जान लो कि अगर तुम अपने कुफ़्र और हठधर्मी पर मरते रहे, तो आख़िरत में तुम्हारे लिए आग का अज़ाब तैयार है, जो इस दुनियावी अज़ाब से कहीं अधिक सख्त और स्थायी है। यह अज़ाब उन सब काफ़िरों के लिए है जो अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं और उसके रसूल की नाफ़रमानी करते हैं। यहाँ अल्लाह ने काफ़िरों को सीधे संबोधित करते हुए उन्हें चेतावनी दी है कि दुनिया में मिलने वाली सज़ा तो मामूली है, असली और बड़ा अज़ाब आख़िरत में है।
फ़ायदे (लाभ और सबक):
- अल्लाह की सज़ा दुनिया में भी आ सकती है, और यह उसकी रहमत का एक पहलू है कि वह लोगों को आख़िरत के अज़ाब से पहले छोटी सज़ा देकर आगाह करता है, ताकि वे अपनी ग़लती से बाज़ आएँ।
- यह आयत मुसलमानों को सब्र और शुक्र का सबक सिखाती है कि जब वे दुश्मन पर फ़तह पाते हैं, तो यह अल्लाह की मदद से है, और काफ़िरों की हार में उनके लिए इबरत है।
- कुफ़्र और नाफ़रमानी का अंजाम बुरा है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी। इससे इंसान को अपने अमल की इस्लाह (सुधार) की तरफ़ राग़िब होना चाहिए।
- आख़िरत का अज़ाब दुनियावी अज़ाब से कहीं बड़ा और हमेशा रहने वाला है, इसलिए अक़्लमंद वही है जो इससे बचने की कोशिश करे और अल्लाह की रहमत का तालिब बने।
- इस आयत में काफ़िरों के लिए सख्त तहदीद (धमकी) है, जो मुसलमानों के दिलों को मज़बूती देती है कि वे अपने ईमान पर क़ायम रहें और अल्लाह के वादे पर भरोसा रखें।
📜 आयत 12-16 — अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 14
सूरा अल-अनफाल आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (काफिरों दुनिया में तो) लो फिर उस (सज़ा का चखो…सूरा आयत 14/75 — अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनफाल सुनें, अल-अनफाल अनुवाद, अल-अनफाल mp3, अल-अनफाल pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








