अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- زَحْفًا (ज़ह्फ़न): युद्ध के लिए धीरे-धीरे आगे बढ़ना, दुश्मन की सेना का करीब आना।
- فَلَا تُوَلُّوهُمُ الْأَدْبَارَ (फ़ला तुवल्लूहुमुल-अद्बार): उन्हें अपनी पीठ न दिखाओ, अर्थात युद्ध के मैदान से भागो मत।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमानवालों! जब तुम काफ़िरों से युद्ध के मैदान में आमने-सामने हो और वे सेना की शक्ल में तुम्हारी ओर बढ़ें, तो उनसे पीठ मोड़कर भागना तुम्हारे लिए जायज़ नहीं है। यह आदेश उस समय के लिए है जब दुश्मन सेना के रूप में सामने हो और युद्ध शुरू हो चुका हो। इस स्थिति में मुसलमानों को चाहिए कि वे डटे रहें, सब्र करें और अल्लाह पर भरोसा रखें। अल्लाह अपने वादे के अनुसार अपने मोमिन बंदों की मदद करता है और उन्हें दुश्मनों पर विजय प्रदान करता है। यह आदेश उस समय के मुसलमानों को सिखाता है कि युद्ध में भागना न केवल बुज़दिली है बल्कि अल्लाह की मदद से दूर होने का कारण भी है।
फ़ायदे (लाभ):
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि सच्चे ईमान का तक़ाज़ा है कि मुसीबत और कठिनाई के समय अल्लाह पर भरोसा रखें और डटे रहें। अल्लाह उन्हीं की मदद करता है जो उस पर पूरा भरोसा रखते हैं।
- युद्ध के मैदान में भागना एक बड़ा गुनाह है, लेकिन अल्लाह की रहमत से यह भी माफ़ हो सकता है अगर इंसान तौबा कर ले। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह की रहमत बहुत विस्तृत है।
- यह आयत मुसलमानों को एकजुट रहने और अपने नेता की बात मानने की तालीम देती है। जब मुसलमान एकजुट होकर दुश्मन का सामना करते हैं, तो अल्लाह की मदद उनके साथ होती है।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि इस्लाम में जिहाद (अल्लाह के रास्ते में लड़ना) एक पवित्र कर्तव्य है, और इसमें सब्र और स्थिरता की बहुत अहमियत है। जो लोग अल्लाह के रास्ते में डटे रहते हैं, उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी मिलती है।
📜 आयत 13-17 — अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 15
सूरा अल-अनफाल आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमानदारों जब तुमसे कुफ्फ़ार से मैदाने जंग में मुक़ाबला…सूरा आयत 15/75 — अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनफाल सुनें, अल-अनफाल अनुवाद, अल-अनफाल mp3, अल-अनफाल pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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