Zaalika bi annahum shaaaqqul laaha wa Rasoolah; wa mai yushaqiqil laaha wa Rasoolahoo fa innal laaha shadeedul `iqaab
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
ये (सज़ा) इसलिए है कि उन लोगों ने ख़ुदा और उसके रसूल की मुख़ालिफ की और जो शख़्स (भी) ख़ुदा और उसके रसूल की मुख़ालफ़त करेगा तो (याद रहें कि) ख़ुदा बड़ा सख्त अज़ाब करने वाला है
🌐 Additional reference in اردو
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یہ (سزا) اس لیے دی گئی کہ انہوں نے خدا اور اس کے رسول کی مخالفت کی۔ اور جو شخص خدا اور اس کے رسول کی مخالفت کرتا ہے تو خدا بھی سخت عذاب دینے والا ہے
شَاقُّوا: विरोध किया, खिलाफ़ किया, अलग रास्ता अपनाया।
يُشَاقِق: जो कोई विरोध करे, खिलाफ़ चले।
व्याख्या:
यह अज़ाब जो कुफ्फ़ार पर आया—उनके सिर, गर्दन और अंगों पर वार किया गया—यह इसलिए था क्योंकि उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) का विरोध किया और उनके आदेशों की अवहेलना की। उन्होंने न तो उन आदेशों का पालन किया जो उन्हें दिए गए और न ही उन निषेधों से रुके जिनसे उन्हें रोका गया। उन्होंने अल्लाह के दीन से अलग रास्ता अपनाया और उसका मुक़ाबला किया।
फिर अल्लाह तआला ने चेतावनी दी कि जो कोई भी अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) का विरोध करेगा और उनके हुक्मों के खिलाफ़ चलेगा, तो अल्लाह उसे दुनिया में क़त्ल, क़ैद और अपमान के रूप में सज़ा देगा, और आख़िरत में उसके लिए जहन्नुम की आग तैयार है। अल्लाह का अज़ाब बहुत सख्त है और उसकी पकड़ से कोई बच नहीं सकता।
फ़ायदे:
अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) का विरोध करना सबसे बड़ा गुनाह है, और इसका अंजाम दुनिया और आख़िरत दोनों में बुरा है।
अल्लाह की सज़ा से डरना चाहिए, क्योंकि वह बहुत सख्त अज़ाब देने वाला है।
इस आयत से हमें सबक मिलता है कि हमेशा अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) के आदेशों का पालन करना चाहिए और उनकी नाफ़रमानी से बचना चाहिए।
यह आयत मुसलमानों को सब्र और इस्तिक़ामत पर क़ायम रहने की तरग़ीब देती है, क्योंकि अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद करता है और उनके दुश्मनों को सज़ा देता है।
ये (सज़ा) इसलिए है कि उन लोगों ने ख़ुदा और उसके रसूल की मुख़ालिफ की और जो शख़्स (भी) ख़ुदा और उसके रसूल की मुख़ालफ़त करेगा तो (याद रहें कि) ख़ुदा बड़ा सख्त अज़ाब करने वाला है
ये वह वक्त था जब अपनी तरफ से इत्मिनान देने के लिए तुम पर नींद को ग़ालिब कर रहा था और तुम पर आसमान से पानी बरस रहा था ताकि उससे तुम्हें पाक (पाकीज़ा कर दे और तुम से शैतान की गन्दगी दूर कर दे और तुम्हारे दिल मज़बूत कर दे और पानी से (बालू जम जाए) और तुम्हारे क़दम ब क़दम (अच्छी तरह) जमाए रहे
(ऐ रसूल ये वह वक्त था) जब तुम्हारा परवरदिगार फ़रिश्तों से फरमा रहा था कि मै यकीनन तुम्हारे साथ हूँ तुम ईमानदारों को साबित क़दम रखो मै बहुत जल्द काफिरों के दिलों में (तुम्हारा रौब) डाल दूँगा (पस फिर क्या है अब) तो उन कुफ्फार की गर्दनों पर मारो और उनकी पोर पोर को चटिया कर दो
ये (सज़ा) इसलिए है कि उन लोगों ने ख़ुदा और उसके रसूल की मुख़ालिफ की और जो शख़्स (भी) ख़ुदा और उसके रसूल की मुख़ालफ़त करेगा तो (याद रहें कि) ख़ुदा बड़ा सख्त अज़ाब करने वाला है
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