अबस · 29/42
अनुवाद उच्चारण — अबस
وَزَيْتُونًا وَنَخْلًا ۝٢٩
Wa zaitoonaw wanakh la
📖 हिंदी अर्थ
और ज़ैतून और खजूरें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَزَيْتُونًا: ज़ैतून का पेड़, जिससे ज़ैतून का तेल निकाला जाता है।
  • وَنَخْلًا: खजूर के पेड़ (नख़्ल) — यहाँ इसका बहुवचन अर्थ है, यानी खजूर के अनेक पेड़।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने अपनी असीम क़ुदरत और रहमत का ज़िक्र करते हुए बताया कि उसने ज़मीन से कई तरह की नेअमतें उगाईं। इस आयत में ख़ास तौर पर ज़ैतून और खजूर के पेड़ों का ज़िक्र किया गया है। ज़ैतून एक ऐसा फल है जिससे तेल निकाला जाता है, जो इंसानों के खाने और कई और इस्तेमालों के लिए बेहद फ़ायदेमंद है। वहीं खजूर का पेड़ भी अल्लाह की बड़ी नेअमत है — इसके फल मीठे और पौष्टिक होते हैं, और इसका हर हिस्सा इंसानों के काम आता है; पत्तियाँ, तना, और फल सब कुछ। ये दोनों चीज़ें अरब के इलाक़ों में बहुत अहमियत रखती थीं और आज भी रखती हैं, क्योंकि ये सादा और आसानी से मिलने वाली ग़िज़ा हैं।

अल्लाह ने ये सब कुछ क्यों पैदा किया? ताकि इंसान उसके एहसानों को पहचाने, उसका शुक्र अदा करे, और अपनी ज़िंदगी में इन नेअमतों से फ़ायदा उठाते हुए अल्लाह की इबादत करे। ये नेअमतें सिर्फ़ इंसानों के लिए नहीं, बल्कि जानवरों के लिए भी हैं — जैसा कि पिछली आयतों में 'अब्बस (चारा) का ज़िक्र आया। यानी अल्लाह की रहमत का दामन बहुत वसी' है, जो हर मख़लूक़ तक पहुँचता है।

दावती पहलू:

इस आयत पर ग़ौर करने से हमें अपने रब की मुहब्बत और उसकी क़ुदरत पर ईमान और मज़बूत होता है। जब हम अपनी रोज़ी की तरफ़ देखते हैं — ज़ैतून का तेल, खजूर का मीठा फल, और दूसरी नेअमतें — तो हमें याद रखना चाहिए कि ये सब किसी इंसान की ताक़त से नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत से पैदा होते हैं। ये चीज़ें हमें सिखाती हैं कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के शुक्रगुज़ार रहें, उसकी दी हुई नेअमतों को सही तरीक़े से इस्तेमाल करें, और कभी उसकी नेअमतों को भूलकर सिर्फ़ दुनिया की चीज़ों में न खो जाएँ। अल्लाह ने ये नेअमतें हमारे लिए इसलिए बनाईं ताकि हम उसे पहचानें और उसकी इबादत करें — यही हमारी कामयाबी का रास्ता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 27-31 — अबस

27فَأَنبَتْنَا فِيهَا حَبًّا
फिर हमने उसमें अनाज उगाया
28وَعِنَبًا وَقَضْبًا
और अंगूर और तरकारियाँ
29وَزَيْتُونًا وَنَخْلًا
और ज़ैतून और खजूरें
30وَحَدَائِقَ غُلْبًا
और घने घने बाग़ और मेवे
31وَفَاكِهَةً وَأَبًّا
और चारा (ये सब कुछ) तुम्हारे और तुम्हारे
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अनुवाद — अबस 29

सूरा अबस आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ज़ैतून और खजूरें

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Tuesday, August 18, 2026

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