अबस · 30/42
अनुवाद उच्चारण — अबस
وَحَدَائِقَ غُلْبًا ۝٣٠
Wa hadaa-iqa ghulba
📖 हिंदी अर्थ
और घने घने बाग़ और मेवे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • حَدَائِقَ (हदाइक़): बाग़, बग़ीचे, वाटिकाएँ।
  • غُلْبًا (ग़ुल्बन): यह 'अग़लब' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है मोटे और सख़्त तने वाले घने दरख़्तों वाले बाग़।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला अपनी उन नेअमतों का ज़िक्र कर रहा है जो उसने इंसान के लिए पैदा कीं। जब इंसान अपने खाने पर ग़ौर करे तो उसे समझना चाहिए कि यह खाना कैसे पैदा हुआ। अल्लाह ने आसमान से पानी बरसाया, फिर ज़मीन को चीरकर उसमें से तरह-तरह की नबातात उगाईं। इन्हीं में से एक नेअमत यह भी है कि अल्लाह ने घने और मोटे दरख़्तों वाले बाग़ उगाए, जिनमें फलदार और सायादार दरख़्त होते हैं। ये बाग़ इंसान के लिए खुशी, सुकून और रिज़्क़ का ज़रिया हैं।

यहाँ अल्लाह ने "ग़ुल्ब" का लफ़्ज़ इस्तेमाल किया है जो दरख़्तों की मज़बूती, घनापन और ऊँचाई को बयान करता है। यानी ऐसे बाग़ जिनके दरख़्त इतने घने और मोटे हों कि वे एक-दूसरे से जुड़े हुए लगें। यह अल्लाह की क़ुदरत का नमूना है कि वह बेजान ज़मीन से ये जीवित और हरियाली से लदे बाग़ निकालता है।

दावती पहलू:

इस आयत पर ग़ौर करने से इंसान का दिल अल्लाह की मुहब्बत और शुक्र से भर जाता है। जब हम अपने सामने हरियाली, फल और सायादार दरख़्त देखते हैं, तो यह हमें याद दिलाता है कि अल्लाह कितना करीम और रहीम है। उसने हमारे लिए ज़मीन को पालना बनाया और उसमें से हमारी ग़िज़ा का इंतज़ाम किया। क्या हमें उसका शुक्र अदा नहीं करना चाहिए? क्या हमें उसकी इबादत और उसके हुक्मों पर चलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए? यह नेअमतें हमें बताती हैं कि अल्लाह ने दुनिया में इंसान के लिए रिज़्क़ के दरवाज़े खोल दिए हैं, तो वह आख़िरत में भी अपने नेक बंदों के लिए ऐसे बाग़ तैयार करेगा जिनका कोई अंदाज़ा नहीं। आओ, हम अल्लाह के इन इनामों को पहचानें और उसकी राह में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें, ताकि हम उसकी जन्नत के असली बाग़ों के हक़दार बनें।



📜 आयत 28-32 — अबस

28وَعِنَبًا وَقَضْبًا
और अंगूर और तरकारियाँ
29وَزَيْتُونًا وَنَخْلًا
और ज़ैतून और खजूरें
30وَحَدَائِقَ غُلْبًا
और घने घने बाग़ और मेवे
31وَفَاكِهَةً وَأَبًّا
और चारा (ये सब कुछ) तुम्हारे और तुम्हारे
32مَّتَاعًا لَّكُمْ وَلِأَنْعَامِكُمْ
चारपायों के फायदे के लिए (बनाया)
अबसकुरान सूची
42आयत
मक्कीRevelation
30आयत

अनुवाद — अबस 30

सूरा अबस आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और घने घने बाग़ और मेवे

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Tuesday, August 18, 2026

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